25 साल में 5000 कार चुराईं, मुखौटा पहनकर करता था वारदात, सैलरी पर रखे हुए थे चोर

नई दिल्ली। कार चोरी के आरोप में पकड़े गए सुपर चोर कुणाल के बारे में साउथ-ईस्ट दिल्ली पुलिस का दावा है कि यह 1997 से कार चोरी करता आ रहा है। अब तक इसने पांच हजार से ज्यादा कारें चुराई हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए इसने तीन बार अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी भी कराई। लेकिन, अब दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे अधिक लगने से यह प्लास्टिक सर्जरी ना कराकर मुखौटा पहनकर कार चोरी करने लगा। इसके लिए इसने कई तरह के मुखौटे खरीद रखे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी कुणाल इससे पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है। 2013 में जब इसे गिरफ्तार किया गया था। तब इसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करने के लिए लॉकअप में आत्महत्या करने का नाटक किया था। पुलिस का दावा है कि कार चोरी करने के लिए कुणाल ने सैलरी पर दो लड़के भी रखे हुए हैं। शुरुआत में यह महीने में आठ-दस कारें चुराता था। लेकिन अब महीने में दिल्ली-एनसीआर से 50 से 60 कारें चोरी की जा रही थीं। महीने में यह 20 दिन कार चोरी करता था और 10 दिन छुट्टियां मनाता था। घर में पत्नी और दो बच्चे हैं।

पुलिस का कहना है कि चोर बाजार में चोरी की कारें 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक में बेची जाती थीं। कब कौन सी कार चोरी करनी है, यह मार्केट की डिमांड पर तय किया जाता था। चोरी की कार बाजार में खपाने के लिए गैंग ने एक सिस्टम बनाया हुआ है। जो कार रोड एक्सीडेंट में डैमेज हो जाती हैं, उन कारों को ये इंश्योरेंस कंपनी से खरीद लेते थे। फिर उसी कलर और डिजाइन की कार दिल्ली-एनसीआर से चोरी की जाती थी। चोरी की गई कार की चेसिस पर ड्रिल करके स्क्रैप कार का नंबर गोदा जाता था। फिर स्क्रैप कार की नंबर प्लेट को चोरी की कार में इस्तेमाल किया जाता था। पहले चोरी की ज्यादातर कारों को ओडिशा, महाराष्ट्र, बेंगलुरू और उत्तराखंड में बेचा जाता था। बाद में चोरी की कारों को जम्मू-कश्मीर में बेचना शुरू कर दिया गया। क्योंकि, यहां अन्य राज्यों की पुलिस जल्दी से चोरी की कार ढूंढने नहीं जाती।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button