गाजियाबाद में डॉक्टर की लापरवाही से गई साढ़े 4 साल की बच्ची की जान, क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन रद्द

गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने क्रॉसिंग रिपब्लिक के मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। क्लीनिक के संचालक पर बच्ची के उपचार में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगा था। बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत की जांच के दौरान उपचार में लापरवाही साबित होने पर यह कार्रवाई हुई है। साथ ही डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की गई है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक की गार्डनियर स्क्वॉयर सोसायटी में रहने वाले अमित कुमार ने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर बताया गया था कि वह अपनी साढ़े चार साल की बेटी को बुखार होने पर 8 अक्टूबर 2023 को डॉ. दिनेश पंवार के क्लीनिक पर ले गए थे। डॉ. दिनेश ने बच्ची को कुछ दवाएं दी। दवा लेने के बाद बेटी को खांसी आने लगी। अगले दिन फिर से वह डॉ. दिनेश के पास ले गए। डॉक्टर ने दोबारा देखकर कहा कि बच्ची को वायरल है। चेस्ट क्लीयर है और चार दिनों तक यही दवाएं चलेंगी। बुखार के लिए अलग से दवा भी दी। बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं आया। साथ ही सांस लेने में भी परेशानी होने लगी तो बच्ची को फिर से 10 अक्टूबर को डॉ. दिनेश के पास ले जाया गया। तब डॉक्टर ने बच्ची को नेबुलाइजर देने के लिए कहा।
दो दिन वेंटिलेटर पर रही बच्‍ची
11 अक्टूबर को फिर से वह बच्ची को लेकर डॉ. दिनेश के पास गए। तब उन्होंने बताया कि बच्ची को निमोनिया है और सात दिन की दवा लिख दी। हालत नहीं सुधरी तो 11 अक्टूबर की रात वह बच्ची को मणिपाल अस्पताल ले गए। जहां जांच के बाद बताया गया कि बच्ची की स्थिति बेहद गंभीर है। ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो रहा है। बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ एंबुलेंस के जरिये मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां बच्ची दो दिन वेंटिलेटर पर रही और 13 अक्टूबर की शाम उसने दम तोड़ दिया। अमित ने आरोप लगाया कि यदि डॉ. दिनेश पंवार बच्ची के कुछ जरूरी टेस्ट करवा लेते तो उसकी गंभीर स्थिति का अंदाजा हो जाता। उन्होंने एक्स-रे और ब्लड टेस्ट भी नहीं करवाए। उनकी लापरवाही के कारण बच्ची की जान चली गई।
तीन सदस्यीय कमिटी ने की जांच
सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद सीएमओ स्तर से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी बनी। इसमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना, एसीएमओ डॉ. चरण सिंह और डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित विक्रम शामिल थे। जांच के बाद पाया गया कि बच्ची की हालत जानने में डॉ. दिनेश पंवार ने लापरवाही बरती। दो दिन तक बुखार नहीं उतरने के बाद भी एक्स-रे और ब्लड टेस्ट नहीं करवाए गए, जो हालत जानने के लिए उचित रहते हैं। कमिटी ने डॉ. दिनेश पंवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और क्लीनिक का रजिस्ट्रेश रद्द करने की सिफारिश की। इसके आधार पर मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

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