यूपी में 15 लाख के जाली नोटों के साथ 4 जालसाज गिरफ्तार
चला रहे थे बाजार में नकली नोट

बस्ती/उत्तर प्रदेश। पांच सौ रुपये के 15 लाख के जाली नोट के साथ बस्ती में चार जालसाज गिरफ्तार किए गए हैं, जो बाजार में नकली भारतीय मुद्रा खपाने के प्रयास में थे। यह सफलता एसओजी और छावनी पुलिस को संयुक्त रूप से मिली है। आरोपितों में एक गोंडा, दो संतकबीर नगर और एक बस्ती जनपद के निवासी हैं। यह बड़ी कामयाबी पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन के गोपनीय अभियान के तहत उस समय हुई, जब आरोपित नोटों को बाजार में खपाने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके पास से नोट छापने के उपकरण भी बरामद किए हैं, जिससे एक बड़े अंतर-राज्यीय गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका है।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत ने बताया कि पुलिस को पिछले कुछ समय से क्षेत्र में जाली नोटों के संचालन की गोपनीय सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर एसओजी प्रभारी विकास यादव, छावनी थाना प्रभारी जनार्दन प्रसाद व उनकी टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर सोमवार को छावनी क्षेत्र के मछली मंडी विक्रमजोत से सुबह सवा पांच बजे अंतरजनपदीय जाली नोट के कारोबारियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपितों से की गई शुरुआती पूछताछ के बाद, पुलिस टीम ने उनकी निशानदेही पर छापेमारी की। इनके कब्जे से संयुक्त कार्यवाही में 30 गड्डी पांच-पांच सौ रुपयों की फर्जी नोट यानी कुल 15 लाख, एक अदद काले रंग का बैग, दस मोबाइल फोन, एक मारुति कार बरामद की गई है।
गिरफ्तार आरोपित ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उनका गिरोह बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर व संतकबीर नगर में बड़े पैमाने पर नेटवर्क चला रहा था। ये लोग रुपये चार गुना करने का झांसा देकर आम लोगों तक इन नकली नोटों की सप्लाई करते थे।
गिरफ्तार आरोपितों ने यह भी बताया कि वे एक लाख रुपए के जाली नोटों के बदले 25,000 रुपए असली नोट लिया करते थे। इस गिरोह के तार किसी बड़े रैकेट से जुड़े होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है। मामला दर्ज कर आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस व खुफिया टीम ने उनके मोबाइल फोन की काल डिटेल्स भी खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ग्राहकों की पहचान की जा सके।
जाली पूछताछ करने पर सभी ने बताया कि हम सभी लोग साथ मिलकर नकली नोट की गड्डी के ऊपर व नीचे असली नोट लगा कर के कार से बस्ती, अयोध्या, अंबेडकरनगर व संतकबीरनगर आदि जिलों के बैंकों के अगल-बगल में घूमकर बैंक से पैसा निकालकर आ रहे लोगों को दोगुने से लेकर चार गुना रुपये देने की लालच देते थे। नकली रुपये के गड्डी को जिसपर आगे पीछे असली रुपये लगे होते हैं, उनको विश्वास में लेने के बाद नकली देकर असली रुपये ले लेते थे। विक्रमजोत कस्बे में जाकर घटना कारित करने की फिराक में थे। गैंग का एक सदस्य पटेल भी है, जो पुलिस की आहट का पता चलते ही ड्राइवर की सीट पर बैठा था, भाग गया है, मौके से बरामद कार का भौतिक निरीक्षण किया गया तो कार में फर्जी नंबर प्लेट लगा हुआ मिला।
यह हैं अंतरजनपदीय जाली नोट गैंग के आरोपित-
- अनुप कुमार सिंह उर्फ बब्बू पुत्र शिव प्रसाद सिंह निवासी पटीठ, थाना मनकापुर जनपद गोंडा
- ओमकार उर्फ बब्बू पुत्र गोरखनाथ चौधरी निवासी कमोखरा, थाना मुंडेरवा जनपद बस्ती
- राजकुमार गुप्ता पुत्र पारसनाथ गुप्ता निवासी महुली मेन मार्केट, थाना महुली जनपद संतकबीर नगर
- शिव कुमार कन्नौजिया पुत्र रामअचल कन्नौजिया निवासी गागरडाड़, थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर




