गांजा और शराब बिक्री का फर्जी मुकदमा लगाकर 5 लोगों को भेजा था जेल, आगरा में आरोपी थानाध्यक्ष गिरफ्तार

आगरा/उत्तर प्रदेश। 50 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जे कराने में झूठा केस दर्ज करने वाले एसओ को जेल भेजा है। उसने एक ही परिवार के 5 लोगों पर गांजा और शराब की तस्करी का फर्जी केस दर्ज किया था। पुलिस ने बुधवार को उसे आवास विकास कालोनी से गिरफ्तार किया है। आगरा के इस बहुचर्चित मामले में ये दूसरी गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले पुलिस ने अमित अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया था। इस पूरे कांड में बिल्डर समेत 18 लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं। केस दर्ज होने के 10 दिन बाद एसओ जितेंद्र कुमार गिरफ्तार हुए हैं।
थाना जगदीशपुरा के बोदला रोड पर 50 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जा कराया गया था। इस खेल में बिल्डर कमल चौधरी, धीरू चौधरी, थानाध्यक्ष जगदीशपुरा जितेंद्र कुमार समेत 18 लोगों पर पुलिस कमिश्नर के आदेश पर 7 जनवरी को केस दर्ज किए गए थे। डकैती समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। केस दर्ज होने के बाद से बिल्डर कमल चौधरी, धीरू चौधरी और एसओ जितेंद्र कुमार फरार चल रहे थे।
एसओ जितेंद्र ने अंतरिम जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वह खारिज हो गई। पुलिस ने आरोपी एसओ से 6 घंटे तक पूछताछ की है। उसने अपनी तैनाती से लेकर कई मामलों से पर्दा उठाया है। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि जल्द ही इस मामले अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। इस पूरे प्रकरण में कौन-कौन शामिल है। इसकी जानकारी जल्द ही पुलिस के पास होगी।
सीएम तक पहुंच गया मामला
50 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जे और मालिकाना हक को लेकर फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर और केबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय में रार फैल गई है। बुधवार को सांसद राजकुमार चाहर ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस मामले की जानकारी दी है। बेशकमती भूमि के गेट पर केबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के नाम का बोर्ड लगा था। जिसे बाद में पुतवा दिया गया। इस प्रॉपर्टी का विवाद आगरा पुलिस और प्रशासन के लिए गले की फांस बना हुआ है। जिसकी जांच एसआईटी और प्रशासनिक अमला कर रहा है।
सस्पेंड होने के बाद कैसे बने थानेदार
जितेंद्र कुमार वर्ष 2015 बैच के दरोगा हैं। साल 2017 में उन्हें आगरा में तैनाती मिली है। वह 20 जून से 15 नवंबर 2023 तक जगदीशपुरा थाने के एसओ रहे हैं। इससे पूर्व वह थाना पिनाहट में एसओ रहे थे। उन्हें एक मामले में लाइनहाजिर किया था। इसके बाद उन्हें थाना सिकंदरा की रुनकता चौकी का प्रभारी बनाया गया। यहां एक समुदाय विशेष लड़का एक लड़की को लेकर फरार हो गया था।
इस मामले में बवाल हुआ। जिसमें तीन घरों को आग लगा दी गई। जितेंद्र कुमार को इस मामले में सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद भी अधिकारियों की मेहरबानी उस पर बनी रही और उसे थाना खंदौली की टोल प्लाजा चौकी का प्रभारी बना दिया। यहां से उसे बरहन थाना में एसएसआई बनाया गया।
इसके कुछ दिनों बाद ही उसे थाना जगदीशपुरा का इचार्ज बना दिया। पुलिस अधिकारियों की इस मेहरबानियों में आरोपी एसओ जितेंद्र कुमार ने पुलिस पूछताछ में ऐसे व्यक्ति का नाम लिया है जो कि पुलिस अधिकारियों के साथ तालमेल रखता है।

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