पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह से ट्रेन से कूदे लोग

ट्रेन की चपेट में आकर कई यात्री हुए टुकड़े-टुकड़े, ट्रैक के पास खून ही खून

  • जलगांव में ट्रेन हादसे में 12 यात्रियों की मौत हुई
  • पुष्पक एक्सप्रेस में आग की अफवाह से कूद पड़े यात्री
  • कर्नाटक एक्सप्रेस ने कूद रहे यात्रियों को रौंद दिया

जलगांव/महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के जलगांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है। यहां ट्रेन हादसे में 12 यात्रियों की मौत हो गई। अफवाह फैली कि मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में आग लग गई है। इससे यात्री डर गए। वे अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन की बोगी से कूद गए। उसी समय पास की पटरी से कर्नाटक एक्सप्रेस पूरी रफ्तार से आ रही थी। कर्नाटक एक्सप्रेस ने कूद रहे यात्रियों को रौंद दिया। इस हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला। रेल की पटरियों पर लोगों शव टुकड़ों-टुकड़ों में पड़े देखे गए। पटरियों के आसपास छोटे-छोटे गड्ढों में खून जमा हो गया था। इसे देखकर लोग सहम गए। रेल दुर्घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दुर्घटना में घायल हुए लोगों ने मदद के लिए चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। पूरा इलाका शोक के सागर में डूब गया। क्योंकि रोने वाले लोग अपने प्रियजनों को खोने का मातम मना रहे थे। रेलवे ट्रैक के आसपास कई शव पड़े थे। यह मंजर हृदय विदारक था। शवों के अंग पटरियों के दोनों ओर बिखरे पड़े थे। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया था, उनकी चीखें बढ़ने लगी थीं। उनका रोना और आंसू देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।
सूत्रों के अनुसार दुर्घटना स्थल पर एक तीव्र मोड़ था। यही कारण है कि जो यात्री पुष्पक एक्सप्रेस से उतरकर पास की पटरियों पर बैठ गए थे, उन्हें उसी पटरी से आती हुई कर्नाटक एक्सप्रेस का अनुमान नहीं था। पुष्पक एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलते ही घबराए यात्री कूद पड़े। अगले ही कुछ मिनटों में वही यात्री पास की पटरी पर तेज रफ्तार से आ रही कर्नाटक एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
पुष्पक एक्सप्रेस की बी4 बोगी के पहियों से चिंगारी निकलने के बाद ट्रेन को रोक दिया गया। लगभग उसी समय अफवाह फैल गई कि ट्रेन में आग लग गई है। रुकी हुई पुष्पक एक्सप्रेस से कई यात्री कूद पड़े। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। नासिक डिवीजनल कमिश्नर प्रवीण गेदाम ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस के यात्रियों को कर्नाटक एक्सप्रेस ने कुचल दिया। पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री पटरियों पर बैठे थे। उस समय कर्नाटक एक्सप्रेस उसी पटरी से गुजरी थी। यात्री उस ट्रेन के नीचे कुचले गए। गेडाम ने बताया कि पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर समेत पूरा प्रशासनिक तंत्र मौके पर पहुंच गया है
महाराष्ट्र सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को रेल दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। दावोस में मौजूद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने एक वीडियो में कहा कि सरकार घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुष्पक एक्सप्रेस के यात्री रेलगाड़ी में आग लगने की अफवाह के बीच रेलगाड़ी से कूद गए। उन्होंने कहा कि घायलों और मृतक यात्रियों की सही संख्या का पता लगाया जा रहा है। शिंदे ने कहा कि अधिकारियों को घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और उन्हें उचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि यह दुर्घटना तब हुई जब पुष्पक एक्सप्रेस से कुछ यात्री आग लगने की अफवाह के बाद बगल की पटरी पर कूद गए। रेलवे अधिकारी और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने इस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जलगांव के निकट एक अन्य रेलगाड़ी की चपेट में आने से कुछ यात्रियों की मौत के बारे में जानकर अत्यंत दुख हुआ। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह घटना हृदय विदारक है। उन्होंने घायल यात्रियों के इलाज के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे द्वारा जांच की मांग की।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी इस घटना को लेकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यात्री डर के मारे एक्सप्रेस रेलगाड़ी से बाहर कूद पड़े। क्योंकि उन्हें लगा कि रेलगाड़ी में आग लग गई है, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति हार्दिक संवेदना। घायल यात्रियों को जल्द से जल्द उचित इलाज मिले और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो, ऐसी प्रार्थना करता हूं। हादसा मोदी सरकार की विफलता: नाना पटोलेकांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि जिंदगियां सस्ती हो गई हैं। इस सरकार में अब कोई जवाबदेही नहीं रह गई है। यह मोदी सरकार की विफलता है और इसे इस्तीफा दे देना चाहिए।

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