मुस्लिमों के पवित्र देश सऊदी अरब में अब आसानी से मिलेगी शराब, बड़ी ढील देने की तैयारी में सरकार

रियाद/एजेंसी। सख्त इस्लामी कानूनों वाले देश सऊदी अरब की सरकार नए शराब स्टोर खोलने का प्लान बना रही है। इसमें से एक सरकारी तेल कंपनी अरामको के गैर-मुस्लिम विदेशी स्टाफ के लिए होगा। पूर्वी प्रांत धाहरान और बंदरगाह शहर जेद्दा में डिप्लोमैट के लिए शराब का स्टोर शुरू होगा। यह क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई में देश के सख्त कानूनों में ढील के तहत किया जा रहा है। मोहम्मद बिन सलमान की कोशिश देश में पर्यटन को बढ़ावा देने की है, जिससे तेल से अर्थव्यवस्था की निर्भरता कम की जा सके।
इस्लाम के जन्मस्थान सऊदी अरब ने पिछले साल राजधानी रियाद में गैर-मुस्लिम डिप्लोमैट के लिए एक शराब स्टोर खोला था। यह 73 साल पहले शराब पर बैन लगने के बाद यह पहला ऐसा आउटलेट था। रॉयटर्स ने सोर्स के हवाले से कहा है कि धाहरान में नया स्टोर अरामको के कंपाउंड में खोला जाएगा। जेद्दा में भी एक शराब का स्टोर बन रहा है, जहां कई दूसरे देशों के कॉन्सल हैं।
सऊदी के सरकारी मीडिया ऑफिस ने दोनों जगहों पर स्टोर के प्लान के बारे में सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया। अरामको ने भी इस पर कमेंट करने से मना कर दिया। यह इसलिए अहम है क्योंकि खाड़ी देशों में आसानी से नहीं मिलती है। खाड़ी देशों में शराब कई पाबंदियों के साथ मिलती है। इस बैन की वजह इस्लाम धर्म की वह मान्यता है, जिसमें शराब पीना हराम ( नाजायज काम) कहा गया है।
सऊदी ने शराब के नियमों में कुछ छूट दी है। हालांकि बड़ी आबादी के लिए शराब पीना अभी भी मना है। दूसरे देशों के राजनयिक या फिर गैर-मुस्लिमों को ही शराब खरीदने की आजादी दी गई है। मोहम्मद बिन सलमान ने इसके अलावा सऊदी अरब में सिनेमा और डांस जैसी एक्टिविटी को भी इजाजत दी है। यह हालिया वर्षों का एक बड़ा बदलाव है।
सऊदी सरकार अपनी इकॉनमी को खोलने और तेल पर निर्भरता कम करने के बड़े प्लान के तहत टूरिस्ट और इंटरनेशनल बिजनेस को लुभाने के लिए पाबंदियों में ढील दे रही है। सऊदी अरब 2034 के सॉकर वर्ल्ड कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में विदेशी मेहमानों के आने की संभावना के तहत कई चीजों पर काम हो रह है। हालांकि दक्षिणपंथी गुटों की ओर से खुलापन लाने की आलोचना भी होती रही है।




