फतेहपुर जिले में सामुदायिक शौचालय पर दबंगों का कब्जा

सत्येंद्र शुक्ला,(फतेहपुर/ उत्तर प्रदेश)। जहां सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं वही दबंगों के साथ मिलकर ग्राम प्रधान स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे हैं। सरकार द्वारा जनता को दी गई सुविधाओं एवं योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है क्योंकि इन योजनाओं एवं सुविधाओं पर दबंग एवं माफियाओं का कब्जा बरकरार है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के धाता ब्लॉक स्थित बैरी ग्राम सभा का है, जहां लाखों रुपए की लागत से बने पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। जिसके चलते ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत ग्राम प्रधान फूलचंद से करने पर भी ग्राम प्रधान द्वारा दबंगों से उपरोक्त पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय पर कब्जा हटवाने में नाकामयाब रहा। इसका सीधा सा मतलब है कि ग्राम प्रधान भी दबंग एवं माफियाओं से मिला हुआ है।
बरसात के समय में ग्रामीणों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एवं शौच के लिए जंगल में जाना पड़ रहा है जहां पर जहरीले जीव जंतुओं के काटे जाने का खतरा बना रहता है। लाखों रुपए लागत से बने सामुदायिक शौचालय पर ताला लटक रहा है ग्रामीणों का कहना है की शौचालय पर कार्यरत महिला मनु देवी पत्नी प्रमोद सोनकर सरकार से हर महीने वेतन तो लेती है मगर एक दिन भी ना तो सफाई करती है और ना ही शौचालय को प्रतिदिन सुचारू रूप से खोलने का काम कर रही है। मामला बेहद गंभीर है कि सामुदायिक शौचालय होते हुए भी ग्रामीणों को शौच के लिए जंगल में जाना पड़ता है। अभी है तो आने वाला समय ही बताएगा कि क्या सामुदायिक शौचालय के ताले ग्रामीणों के लिए खोले जाएंगे या फिर सरकार द्वारा दी गई सुविधाओं से ग्रामीण हमेशा के लिए वंचित रहेंगे। उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक तरफ जीरो टोलरेंस नीति का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ दबंगों द्वारा गरीब ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है।




