आगरा में कॉलेज-पेट्रोल पंप समेत करोड़ों की संपत्ति का मालिक है लेखपाल भीमसेन, 10 लाख रिश्‍वत मामले में सस्‍पेंड

आगरा/उत्तर प्रदेश। 10 लाख की रिश्वत लेने का आरोपी लेखपाल भीमसेन निलंबित किया जा चुका है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीएम भानु चंद्र गोस्वामी लेखपाल भीमसेन की संपत्ति की जांच करवा रहे हैं। लेखपाल भीमसेन की संपत्ति के बारे में जब लोगों को पता चला तो हैरत में पड़ गए। भीमसेन के पास करोड़ों की संपत्ति है। उसके 3 पेट्रोल पंप, 3 डिग्री कॉलेज, मैरिज होम और कई फ्लैट हैं। शहर से लेकर गांव तक उसके पास कई बीघा जमीन है। कौरई टोल के पास उसने एक विधायक के साथ पार्टनरशिप में 24 बीघा कृषि भूमि खरीदी है। आगरा की सभी तहसीलों में धारा 80, एनओसी, हैसियत और स्टांपिंग में भीमसेन की ठेकेदारी चलती है। राजनैतिक रसूख होने के चलते उसके खिलाफ शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं होती है। यही वजह है कि लेखपाल के खिलाफ रिश्वतखोरी का केस दर्ज कराने वाला गवाह भी चंद घंटों में अपने बयानों से मुकर गया।
शाहगंज के बागला हाउस में आलीशान मकान में रहने वाला भीमसेन करीब 25 साल से लेखपाल के पद पर है। प्रमोशन होने पर भी उसने नहीं लिया। भीमसेन 20 साल तक लेखपाल संघ का अध्यक्ष रहा है। दो वर्ष पूर्व उसने अपने बेटे की शादी में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए थे। 20 दिसंबर की रात को बमरौली कटारा के रहने वाले उमेश राणा ने लेखपाल भीमसेन पर खतौनी में नाम संशोधन करने के एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप लगाया था। उमेश ने पुलिस को बताया कि रिश्वत की रकम लेखपाल ने सफेद कलर की स्विफ्ट डिजायर कार में रखी थी। रकम 2 हिस्सों में गाड़ी में रखी थी। उमेश की निशानदेही पर पुलिस ने अगले दिन फोरेंसिक टीम और वीडियोग्राफी कराते हुए गाड़ी से रकम बरामद की, लेकिन उमेश राना अपने बयानों से पलट गया।
सभी तहसीलों में भीमसेन का रसूख
आगरा जनपद में 211 लेखपाल हैं। भीमसेन का रसूख आगरा की सभी तहसीलों में चलता है। आगरा की सदर तहसील में सबसे अधिक सर्किल रेट है। हैसियत प्रमाण पत्र, एनओसी और स्टांपिंग का ठेका भीमसेन पर ही रहता है। इस काम के एवज में मोटी रिश्वत चलती है।
3 फ्लैटों में बने हैं कार्यालय
जानकारी के अनुसार, भीमसेन ने 3 फ्लैटों में अपने कार्यालय बना रखे हैं। तीनों कार्यालयों में अलग-अगल कैटेगिरी के लोगों से मुलाकात होती है। नेताओं के लिए अलग, आम फरियादियों के लिए अलग और वीआईपी लोगों के लिए अलग से कार्यालय बना हुआ है। जिले के माननीयों को भी जमीन खरीद फरोख्त के कामों के लिए भी भीमसेन से संपर्क करना पड़ता है। राजनीति में अच्छी पैठ रखने वाले भीमसेन का एक बेटा बीजेपी में थिंक टैंक की टीम में शामिल है।
स्विफ्ट डिजायर है खास पसंदीदा वाहन
आगरा की सदर तहसील में काम करने वाले 38 लेखपालों में 11 लेखपालों के पास सफेद कलर की स्विफ्ट डिजायर कारें हैं। लेखपालों की सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार चर्चाओं में रहती हैं। लेखपालों के सेवादार भी इनकी गाडिय़ों का इस्तेमाल करते हैं। सेवादारों के माध्यम से धन की उगाई की जाती है। बिना सुविधा शुल्क के तहसीलों में कोई काम नहीं होता है।
12 सालों से एक ही क्षेत्र में टिके हैं
राजनैतिक रसूख रहने वाले लेखपालों का जलवा अफसरों पर भी चलता है। यही वजह है कि अपने मनमाफिक क्षेत्रों में उनकी पोस्टिंग रहती है। करीब एक दर्जन से अधिक ऐसे लेखपाल हैं जो कि 12 सालों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए हैं। जिनकी कोई सेटिंग नहीं रहती हैं उन्हें ऐसी तहसीलों में तैनात करवा दिया जाता है। रघुराज सिंह, महेंद्र सिंह, अजीत सिंह, गजेंद्र सिंह, वीरेंद्र दीक्षित, हीरा सिंह, भीमसेन, प्रताप सिंह, शैलेंद्र कुमार, राजकुमार, अतुल कृष्ण नामक लेखपाल कई वर्षों से एक ही क्षेत्र में तैनात हैं।

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