इंटरनैट पर बैन की तैयारी, अब तक 7 की हुई गिरफ्तारी, औरंगजेब-टीपू पर तनाव के बाद कोल्हापुर का हाल

  • कोल्हापुर में पुलिस से झड़प के बाद हालात हुए बेकाबू
  • टीपू सुल्तान का वॉट्सऐप स्टेटस लगाने पर हुआ विवाद
  • हिंदू संगठनों के बंद के दौरान पथराव, पुलिस लाठीचार्ज
  • कोल्हापुर हिंसा के सिलसिले में अब तक सात गिरफ्तार

कोल्हापुर,(महाराष्ट्र)। कोल्हापुर में सुबह हुई हिंसक झड़प के बाद हालात काबू में हैं। यहां कुछ हिंदू संगठनों ने बंद का ऐलान किया था। मुगल शासक औरंगजेब और मैसूर के टीपू सुल्तान का कथित रूप से स्टेटस लगाने को लेकर विवाद भड़का था। आपत्तिजनक ऑडियो संदेश को सोशल मीडिया स्टेटस के रूप में लगाने के विरोध में भीड़ ने पथराव किया था। लोगों को वहां से हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अब इलाके में इंटरनेट बंद करने के लिए भी पुलिस तैयारी कर रही है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इंटरनेट सेवा बंद करने के लिए एक प्रस्ताव प्रशासन के पास भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि बुधवार की दोपहर से बृहस्पतिवार की शाम तक या स्थिति के आधार पर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित किए जाए। उन्होंने कहा कि राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) के कर्मियों को शहर में तैनात किया गया है। पुलिस ने पड़ोसी जिले सातारा से और पुलिस बल की मांग की है।
अधिकारी ने कहा कि 19 जून तक धारा 144 लागू की गई है। पांच या इससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि दो व्यक्तियों ने मुगल बादशाह औरंगजेब और मैसुरु के 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर के साथ ऑडियो संदेश को अपने सोशल मीडिया ‘स्टेटस’ पर लगाया था। इसके बाद मंगलवार को वहां तनाव हो गया था।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने दोनों व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया कि और प्रदर्शन होने के बाद पुलिस ने शाम को एक और एफआईआर दर्ज की और सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
बुधवार को फिर से प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) महेंद्र पंडित ने बताया, ‘कुछ संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आह्वान किया था और उनके कार्यकर्ता आज शिवाजी चौक पर जमा हुए थे। प्रदर्शन के बाद भीड़ लौट रही थी, तभी कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसकी वजह से पुलिस को उनके खिलाफ बल प्रयोग करना पड़ा ताकि वे तितर-बितर हो सकें।’
एसपी ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आपत्तिजनक पोस्ट मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में बताया दिया था। उनसे शांति बनाए रखने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि घरों पर पथराव और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद ही बल और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। एसपी महेंद्र पंडित ने कहा कि पुलिस ने उपद्रवियों का पता लगाना और उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया है। कोल्हापुर के जिलाधिकारी राहुल रेखावार ने कहा कि जिला अपने प्रगतिशील दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा, ‘मैं सभी लोगों से यह सुनिश्चित करने की अपील करता हूं कि एक प्रगतिशील जिले के रूप में कोल्हापुर की छवि बरकरार रहे। मैं उनसे अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह करता हूं।’

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