उतर पूर्वी दिल्ली जिले में जेबकतरों का आतंक, डीटीसी बस में विद्यार्थी का फोन चोरी
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उतर पूर्वी दिल्ली। राजधानी दिल्ली उतर पूर्वी जिले में डीटीसी व क्लस्टर की बसों में जेबकतरों का आतंक दिन प्रतिदिन फैल रहा है, बसों में सवारियों की रोज जेबकतरों द्वारा खुल्लेआम जेबें काटी जा रही हैं। ऐसा ही एक मामला उतर पूर्वी जिले के थाना गोकुलपुरी से आया है जहाँ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले गोकुलपुरी निवासी रोहित राजपूत रोजाना की तरह दुर्गापुरी स्थित अपने कोचिंग सेंटर जाने के लिए घर से निकले। गोकुलपुरी बस स्टैंड पर रूट संख्या 254 में सवार होकर जब जैसे ही सीट पर बैठे तभी उन्हें महसूस हुआ उनकी जेब में उनका फोन नहीं था। उन्होंने इसकी सूचना बस ड्राइवर कंडक्टर को दी बस रोकने की बजाय यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि मोबाइल चोरी की घटना है यह तो इस बस में रोज होती है। रोहित ने बस में मौजूद होमगार्ड के जवान को भी इस बाबत बताया तो उसने भी अपने हाथ खड़े कर दिए। इतना ही नहीं जब रोहित ने बस में लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक करने के लिए कहा तो पता चला कैमरे काम ही नहीं कर रहे थे।
इसके बाद रोहित ने बिना देरी किए अपने पिता को अपना मोबाइल चोरी होने की जानकारी दी उनके पिता अनिल राजपूत उन्हें लेकर गोकुलपुरी थाने जब पहुंचे, तो वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी रोहित के साथ ऐसे पूछताछ करने लगा मानो रोहित ने फोन चोरी की जानकारी देकर कोई गलती कर दी हो। गोकुलपुरी थाने के पुलिसकर्मी के अभद्र व्यवहार को देखकर “दिल्ली पुलिस दिल की पुलिस” का स्लोगन एक मजाक प्रतीत होता है। रोहित के पिता अनिल राजपूत ने सहायक पुलिस आयुक्त को जब इस बारे में बताया तब उनके हस्तक्षेप के बाद ही रोहित के फोन चोरी होने की रिपोर्ट लिखी गई।
एक तरफ दिल्ली पुलिस कमिश्नर आए दिन कहते रहते हैं कि पीड़ित की बात को पूरी तरह सुना जाए उनका पूरा सहयोग किया जाए। मंगलवार की घटना को देखकर लगता नहीं है कि दिल्ली के थानों में पीड़ित को दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग मिलता होगा। आज राजधानी दिल्ली का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं होगा जहां पर रोजाना हजारों की संख्या में कहीं फोन छीन जाते हैं, कहीं चोरी हो जाते हैं, तो कहीं बसों के अंदर सफर कर रहे यात्रियों की जेब काट जाती हैं, अगर बात करें उत्तर पूर्वी दिल्ली की यहां सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, दुर्गापुरी, गोकलपुरी नंद नगरी खासकर इन इलाकों में मोबाइल फोन चोरों के इतने हौसले बुलंद हो चुके हैं, इनके अंदर पुलिस नाम का खौफ ही नहीं है, जो आए दिन वारदातों को अंजाम देते रहते हैं।




