गाजियाबाद की 400 फैक्ट्रियों पर लगेगा ताला, यूपीएसआईडीए ने दिया ये आदेश, हजारों मजदूरों के रोजगार पर संकट

गाजियाबाद। एक बार फिर UPSIDA (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों की वजह से ट्रॉनिका सिटी के 400 से अधिक उद्योगों पर बंदी का संकट गहरा गया है, क्योंकि यूपी पलूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने इन उद्योगों का बिजली और पानी का कनेक्शन काटने का आदेश दिया है। पिछले साल जुलाई में नैशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा (NMCG) और यूपी पलूशन कंट्रोल बोर्ड (UPPCB) ने गंदे पानी की सफाई के लिए लगे 6 MLD के कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण किया था। इस दौरान CETP मानक के हिसाब से चलता हुआ नहीं पाया गया। अब UPPCB ने CETP और उससे जुड़े सभी उद्योगों को बंद करने का आदेश दिया है। आदेश के मुताबिक, पहले CETP को बंद किया जाए, फिर इससे जुड़े सभी उद्योगों के बिजली और पानी के कनेक्शन को काट दिया जाए। फिलहाल, UPPCB के इस आदेश से यहां के उद्योगपति टेंशन में आ गए हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि इस एरिया में छोटी और बड़ी मिलाकर 400 से अधिक फैक्ट्रियां हैं। इनमें हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। सीईटीपी को नियमित रूप से मेंटेन किया जाए तो इस तरह की दिक्कत नहीं होगी।अधिकारी बताते हैं कि सीईटीपी में टेक्सटाइल इंडस्ट्री से आने वाले केमिकलयुक्त पानी को साफ किया जाता है।

जब यह ही सही से काम नहीं करेगा तो केमिकलयुक्त पानी जहां भी छोड़ा जाएगा, वहां के भूगर्भ जल के अलावा अन्य पानी के साथ मिलकर स्वास्थ्य के लिए काफी घातक होगा। इससे कैंसर जैसी बीमारी भी होने के आसार बढ़ जाते हैं, क्योंकि टेक्सटाइल इंडस्ट्री में खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। यहां पर 2 CETP है। एक 1.8 एमएलडी और दूसरा 6 एमएलडी का। पहले वाले का संचालन पहले से ही बंद चल रहा है। 6 एमएलडी भी गंदे पानी की सफाई मानक के अनुसार नहीं कर रहा। UPPCB ने पहले ही इसका निरीक्षण किया था, तब कई खामियां मिली थीं। उस दौरान उद्योगों को बंद करवाया गया। तो काफी अफरातफरी मची थी। फिर सीईटीपी को ठीक करवाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद फिर यह दिक्कत पैदा हो गई। इसकी वजह से उद्योगपतियों का उत्पादन काफी प्रभावित हो रहा है।

यूपीसीडा में 3 आईएएस अफसर तैनात हैं। इसके बाद भी निचले स्तर पर ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जोकि विभाग के साथ उद्योगपतियों और सरकार तक की छवि खराब करने में लगे हैं। यूपीसीडा की ट्रॉनिका सिटी एक महत्वपूर्ण योजना है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। सड़क, बिजली, सुरक्षा, सफाई, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी यहां के उद्योगपतियों को नहीं मिल पा रही हैं। ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों का आवंटन वर्षों पहले कर दिया गया था, लेकिन एक भी ग्रुप हाउसिंग का प्रॉजेक्ट आज तक पूरा नहीं हो सका।
UPPCB के रीजनल ऑफिसर उत्सव शर्मा ने कहा कि ट्रॉनिका सिटी के 6 एमएलडी सीईटीपी में बहुत खामियां पाई गई थीं, जिसकी वजह से इसे बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इससे जुड़े उद्योगों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने का आदेश जारी किया गया है। यूपीसीडा जल्द ही उद्योगों को इस आदेश के बारे में अवगत करवा देगा।
ये मिली थीं खामियां
-ऑयल और ग्रीस टैंक सही काम करते नहीं पाए गए
-CETP की सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी से एनओसी नहीं थी
-फ्लश मिक्सर की बनी सीमेंट की दीवार टूटी थी। गंदा पानी बाहर निकल रहा था
-सैंपल मानक से बहुत अधिक ज्यादा थे
-ऑनलाइन वॉटर एफ्लुएंट मॉनिटारिंग सिस्टम नहीं लगा हुआ था
-फ्लोमीटर नहीं था, जिससे यह पता नहीं चल रहा था कि कितना सीवेज आ रहा।

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