सीवर एवं गंदे पानी की आपूर्ति की समस्याओं से जूझता बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र

विजय लक्ष्मी पांडे,(दिल्ली ब्यूरो)। दिल्‍ली की 70 विधानसभा सीटों में बुराड़ी सीट भी महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखती है। उत्‍तर पूर्व लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्‍सा यह इलाका 2008 में विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में यहां हुए पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा के श्रीकृष्‍ण ने कांग्रेस के दीपक त्‍यागी को हराकर यहां का पहला विधायक बनने का गौरव हासिल किया। 2013 के दूसरे चुनाव में यहां से आम आदमी पार्टी के संजीव झा ने जीत हासिल की। 2015 के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी के संजीव झा ने भाजपा के गोपाल झा को मात देकर विधायक चुने गए। दिल्ली की रिहायशी कालोनियों का रोजाना ढाई करोड़ लीटर गंदा पानी यमुना में गिरता है जिससे यमुना प्रदूषित हो रही है। कई कालोनियों में सीवर न होने के कारण पानी को खुली नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ते हैं और यह गंदा पानी सीधे यमुना में गिरता है। इसलिए ऐसी कॉलोनियों में सीवर कनेक्शन देने और उसे दिल्ली की मुख्य सीवेज प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने की घोषणा मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा की गई थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि इन घरों को दिल्ली जल बोर्ड द्वारा पहले से बिछाई गई सीवरेज लाइनों से जोड़ा जाएगा, जिसके बाद यहां के सीवरेज को ट्रीट करने के लिए यमुना विहार सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाएगा।

इससे यमुना में प्रवाहित होने से पहले करीब 2.5 करोड़ लीटर सीवेज का उपचार करने में मदद मिलेगी।इसी कड़ी में जल मंत्री व दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष ने दिल्ली सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बोर्ड बैठक भी की थी। इस दौरान नई सीवर लाइनें बिछाने, लोगों को घरेलू सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने, मौजूदा एसटीपी को अपग्रेड करने, जेजे क्लस्टर कॉलोनियों में आरओ पानी की सुविधा देने और दिल्ली जल बोर्ड की राजस्व प्रबंधन प्रणाली में सुधार करने को लेकर चर्चा की गई। यमुना की सफाई पर केंद्रित बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में वेस्टवाटर मैनेजमेंट से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी भी दी गई थी। साथ ही अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समय सीमा के अंदर काम पूरा करने के निर्देश भी दिए गये थे।मगर दिल्ली सरकार की यह घोषणा फेल होती नजर आ रही है।

बोर्ड ने नरेला और बुराड़ी सीवर लाइनें तो बिछा दी है, मगर वर्तमान में इन दोनों क्षेत्रों में सीवर का सुचारू रूप से कार्य ना होने के कारण जनता  आज भी सीवर की समस्या से बेहाल है।खुले क्षेत्रों में सीवेज का पानी बहने से लोगों को मलेरिया, डेंगू, हैजा और टाइफाइड सहित कई घातक बीमारियों के होने का डर बना रहता है।लोगों को फुटपाथ के नीचे सीवेज के रिसाव के कारण घरों की नींव को कमजोर होने का डर भी  सता रहा है।जबकि चंदन विहार में बहुत वर्षों पूर्व ही प्राइवेट सीवर से जनता को निजात दिलाई जा रही थी, अब जगह-जगह आईजीएल एवं नए सीवर के होड़ में गड्ढे एवं पानी भरने की शिकायत आम हो गई है। चंदन विहार के निवासियों के अनुसार बुराड़ी के सर्वप्रथम आने वाली कॉलोनी के लोग होने के साथ इसके विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहे है, लेकिन विगत कुछ वर्षों से टूटी सड़के,सीवर की समस्या एवं गंदे पानी की आपूर्ति होने से क्षेत्र के लोग बहुत ही मायूस हैं। गंदे पानी की आपूर्ति के चलते मजबूरन अवैध पानी के प्लांटों से डिब्बाबंद पानी पीने के लिए लोग मजबूर हैं। यही हाल रहा तो कहीं आने वाले समय में जनता आक्रोश में आकर पानी के लिए हल्ला न बोल दे। समय रहते इन सभी समस्याओं  का समाधान तत्काल आरंभ किया जाना चाहिए।

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