रिटायर्ड मेजर जनरल को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 2 करोड़ रुपये
मनी लॉन्ड्रिंग केस का दिखाया डर, जयपुर से 3 गिरफ्तार

नोएडा। उत्तर प्रदेश की नोएडा थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक रिटायर्ड मेजर जनरल को डिजिटल अरेस्ट किया गया। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस का डर दिखा कर दो करोड़ रुपये ऐंठने वाले तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी डीसीपी राजपूत बन रिटायर्ड मेजर जनरल से पहले स्काई ऐप डाउनलोड कराया। इसके बाद वीडियो कॉल कर के डिजिटल कस्टडी में लेकर दो करोड़ रुपये ठगी की घटना को अंजाम दिया गया।गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों की पहचान कानाराम गुर्जर (30) निवासी जयपुर, ललित कुमार (22) और सचिन कुमार (30) निवासी जनपद अलवर, राजस्थान के रूप में हुई है। डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि शुक्रवार को थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने एक रिटायर्ड मेजर जनरल को डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ रुपयों की ठगी करने वाले तीन शातिरों को जयपुर से दबोचा है।
तीनों साइबर ठगों ने नोएडा के थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के सेक्टर-31 निवासी एक रिटायर्ड मेजर जनरल एनके धीर को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे दो करोड़ रुपये ठग लिए थे। पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम पर 27 अगस्त 2024 को अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। शातिरों ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सिनीयर सिटीजन और रिटायर्ड अधिकारी को कॉल करते थे। फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर स्काइप कॉल के माध्यम से डिजीटल अरेस्ट कर समझौता कराने के नाम पर ठगी थे।
ठगी की रकम को जनपद जयपुर, जोधपुर के अधिकतर पीजी में तैयारी कर रहे छात्रों और रेस्टोरेंट में काम करने वाले व्यक्तियों से संपर्क कर उन्हें कमीशन के नाम पर धनराशि देते थे। इसके बाद उनसे बैंक खाते से संबंधित सिम और एटीएम के माध्यम से कैश करा कर यूएसडीटी के माध्यम से आपस में बांट लेते थे। इस गैंग के सरगना राजकुमार निवासी अलवर को मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार किया है।
आरोपी सचिन से पूछताछ के दौरान पाया गया है कि उसके ओर से जो खाते उपलब्ध कराए गए है, उनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 76 (तमिलनाडू-8, कर्नाटक-20, महराष्ट-13, तेलंगाना-7, आन्ध प्रदेश-5, दिल्ली-3, ,हरियाणा-3, पश्चिम बंगाल-3, गुजरात-2, झारखंड-2, केरल-2, उड़ीसा-2, राजस्थान-2, उत्तर प्रदेश-2, छत्तीसगढ़-1, उत्तराखंड-1) शिकायतें पाई गई हैं।




