गेंद या पैकेट नहीं अब तिहाड़ में कैदी ऐसे मंगा रहे ड्रग्स, तरीका जानकर रह जाएंगे दंग

दिल्ली/ब्यूरो। तिहाड़ जेल के बाहर जेल रोड और स्टाफ क्वॉर्टर की ओर से गेंद और पैकेटों में मोबाइल फोन और ड्रग्स भरकर फेंके जाते थे। जिसे रोकने के लिए जेल प्रशासन ने जाल लगवा दिए। बावजूद इसके कैदियों के पास अब भी नशे का सामान पहुंच रहा है। इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब जेल में बंद एक कैदी से मिलने आई महिला के द्वारा लाए गए लोअर से स्मैक की पुड़िया बरामद हुई। पुड़िया को महिला ने लोवर के प्लास्टिक वाले कमरबंद में छिपाया हुआ था। जेल कर्मियों ने मामले की सूचना हरि नगर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला से पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी महिला की पहचान दया बस्ती निवासी अनीता (38) के रूप में हुई।
जानकार ही लाकर दे रहे कैदियों को ड्रग्स
इस मामले में तिहाड़ जेल के पीआरओ अरविंद कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि जेलों के अंदर समय-समय पर तलाशी होती रहती है। इसमें मोबाइल फोन, हैंडमेड चाकू और सुओं के साथ-साथ तंबाकू या अन्य कोई ड्रग्स मिलती है तो उसे जब्त किया जाता है। हालांकि, पहले से मामले अब बहुत कम हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो पहले तिहाड़ जेल के बाहर जेल रोड और स्टाफ क्वॉर्टर की ओर से गेंद और पैकेटों में मोबाइल फोन और ड्रग्स भरकर फेंकते थे। उसे रोकने के बाद कैदी शरीर में नशे के पदार्थ को छुपाकर लाने लगे। लेकिन सख्ती के बाद यह मामले कम हो गए। लेकिन अब कैदियों के जानकार मिलने के दौरान उन्हें नशा दे रहे है।
कमरबंद में महिला लाई ड्रग्स
सूत्रों के मुताबिक, मामला 6 सितंबर का है। जेल नंबर एक में बंद सलमान नाम के कैदी से मिलने के लिए अनीता नाम की महिला आई थी। महिला अपने साथ कैदी के लिए लोअर व अन्य सामान लेकर आई थी। जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने सामान की कई स्तर पर जांच की। जांच के दौरान लोअर के प्लास्टिक कमरबंद में कुछ सामान रखे होने का शक हुआ।
जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत इसकी जानकारी जेल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। जिसके बाद पूरे लोअर की सिलाई हटाने पर उसमें प्लास्टिक की एक पुड़िया मिली। जिसमें लाल रंग का पाउडर था। आशंका जताई गई कि पाउडर स्मैक हो सकती है। सुरक्षाकर्मियों ने महिला को हिरासत में लेकर मामले की सूचना हरि नगर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने महिला से बरामद 2.13 ग्राम पाउडर बरामद की।




