करंट लगने पर बिजली कंपनियों को देना होगा मुआवजा, केजरीवाल ने प्रस्ताव किया मंजूर

Delhi CM Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बड़ा फैसला। दिल्ली में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और बिजली से कंरट लगने की वजह से पीड़ित हुए व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। दिल्ली में बिजली से होने वाली […]

Delhi CM Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बड़ा फैसला। दिल्ली में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और बिजली से कंरट लगने की वजह से पीड़ित हुए व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। दिल्ली में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए जल्द नियम तैयार होंगे। इन नियमों को दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन बनाएगा।

बता दें कि इससे पहले दिल्ली में करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर कोई भी नियम नहीं था। करंट लगने से अगर कोई व्यक्ति घायल हो जाता है या इस दौरान किसी की मौत भी हो जाती है, तो बिजली विभाग की कंपनियां पीड़ित या उसके परिवार को वित्तीय सहायता देने के लिए बाध्य नहीं होती थी। ऐसे में करंट लगने से पीड़ित परिवारों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी।  इसे देखते हुए बिजली विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया।

मंत्री ने किया था प्रस्ताव प्रस्तुत

यदि अब कोई दुर्घटना होती है, तो बिजली कंपनियां पीड़ितों को  वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बाध्य होंगी। मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रस्ताव को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा। दिल्ली के विद्युत विभाग के प्रस्ताव को विद्युत मंत्री आतिशी ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार डीईआरसी को इस संबंध में नियम बनाने के लिए आदेश जारी करेगी। दरअसल, इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के अंतर्गत दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन है। डीईआरसी ही दिल्ली में स्थित सभी डिस्कॉम को रेगुलेट करता है।

एनएचआरसी में हुआ था मामला

कुछ साल पहले एनएचआरसी में एक मामला हुआ था। इस घटना में कुछ लोगों को करंट लग गया था। और उनको कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिली थी। इस दौरान एनएचआरसी ने दिल्ली सरकार से इस संबंध में कानून बनाने का अनुरोध किया था।  जिससे पीड़ितों को मदद मिल सके।

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