रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में मार्शल लॉ की घोषणा की

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। पिछले आठ महीने से रूस लगातार यूक्रेन से युद्ध कर रहा है, जिसका असर पूरी दुनिया पर हो रहा हैं। रशिया एक तरफ लगातार यूक्रेन पर अपना हमला जारी रखे हुए है और लगातार परमाणु हमला करने की धमकी दे रहा हैं वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। रूस ने अब यूक्रेन के चार शहरों पर कब्जा कर लिया था अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों में मार्शल लॉ की घोषणा की है। यानी युद्ध के दौरान रूस ने यूक्रेन के जिन क्षेत्रों पर कब्जा किया था वहां पर सैनिक शासन और कानून होगा।
मार्शल लॉ उस परिस्थिति को कहते हैं जब किसी देश की न्याय व्यवस्था को सेना अपने हाथ में ले लेती है। उस क्षेत्र में सैनिक कानून ही चलते हैं। कई बार युद्ध के दौरान जैसे-जैसे क्षेत्रों को जीता जाता है जीतने वाला देश उस जगह पर अपनी आर्मी स्थापित करते हुए आगे बढ़ता हैं। जब तक युद्ध में पूर्ण विजय हासिल करते वह देश क्षेत्र में नयी व्यवस्था नहीं लागू कर लेता है तब कर वहां पर सैनिक कानून ही लागू रहता हैं। वहां पर रहने वाले लोग सैनिकों के द्वारा लागू किए गये नियम ही मानते हैं।
उदाहरण के लिये द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी और जापान में मार्शल लॉ लागू किया गया था। इसके अलावा प्राय: तख्ता पलट के बाद भी मार्शल लॉ लगा दिया जाता है। कभी-कभी बहुत बड़ी प्राकृतिक आपदा आने पर भी मार्शल लॉ लगा दिया जाता है (किन्तु अधिकांश देश इस स्थिति में आपातकाल लागू करते हैं।) मार्शल ला के अंतर्गत कर्फ्यू आदि विशेष कानून होते हैं।




