“‘मैं आता हूं’ कहकर गया बेटा, 48 घंटे बाद भी नहीं लौटा बेटा! इंतजार करती रह गई 80 साल की अम्मा

बुलंदशहर/उत्तर प्रदेश। कांपते हाथ, घबराई हुई आंखें और मायूस चेहरा। रेलवे स्टेशन पर वो बूढ़ी मां पिछले दो दिनों से एक ही जगह पर अकेली बैठी थी। पास में कपड़ों का एक थैला, पानी की बोतल और शरीर पर कुछ गर्म कपड़े… इसके अलावा कुछ नहीं। उम्र लगभग 80 साल। स्टेशन पर गुजरते अजनबी यात्रियों की भीड़ थी, लेकिन उसकी आंखें इस भीड़ में केवल एक शख्स को तलाश रही थीं। वो शख्स, जो कहकर गया था कि मां तुम यहीं बैठी रहना, मैं बस पैसे लेकर अभी वापस आता हूं, लेकिन फिर कभी नहीं लौटा। सही समझा आपने, वो शख्स उसका अपना बेटा था।
दिल को झकझोर देने वाली ये खबर यूपी के बुलंदशहर में वैर रेलवे स्टेशन की है, जहां 7 मार्च को इस बूढ़ी महिला को उसका अपना बेटा छोड़कर चला गया। दो दिन बाद सोमवार को आरपीएफ के कांस्टेबल नवनीत कुमार और रामेंद्र सिंह की नजर महिला पर पड़ी। पास जाकर देखा तो महिला बीमार लग रही थी। पूछने पर ना अपना नाम बता पा रही थी और ना ही ठीक से चल-फिर पा रही थी।
नवनीत कुमार और रामेंद्र सिंह ने स्टेशन पर आसपास के कर्मचारियों से पूछा तो पता चला कि वह महिला पिछले दो दिनों से यहीं बैठी है। दोनों कांस्टेबल ने आरपीएफ थाना प्रभारी को मामले की खबर दी और उनके निर्देश पर महिला को खुर्जा लाया गया। यहां पहले उन्हें कुछ खाना खिलाया गया और इसके बाद जब उनसे बात की गई तो कलेजा चीर देने वाली कहानी सामने आई।
महिला ने कांपती आवाज में बताया कि उनका नाम रूपवती है और वह यूपी के ही बदायूं जिले में बरौली सराय इलाके की रहने वाली हैं। शनिवार को उनका बेटा उन्हें अपने साथ लाया और वैर रेलवे स्टेशन पर छोड़ गया। जाते वक्त बेटे ने कहा कि वह कुछ ही देर में पैसे लेकर वापस आ रहा है। बूढ़ी मां स्टेशन पर उसी जगह बैठकर अपने बेटे का इंतजार करती रही, लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी वह नहीं लौटा।
वृद्धा आश्रम में होगी मां की देखभाल
महिला की बातें सुनकर आरपीएफ थाना प्रभारी नंद लाल मीणा समझ गए कि बेटे ने अपनी जिम्मेदारियों से मुंह फेरते हुए मां को लावारिस छोड़ दिया है। उन्होंने महिला की बातें अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताई और स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर उन्हें बुलंदशहर में ही जहांगीराबाद के वृद्धा आश्रम को सौंप दिया, ताकि उनकी उचित देखभाल हो सके। वृद्धा आश्रम के अधिकारी आकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां महिला की उचित देखभाल की जा रही है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की मदद से प्रयास किया जाएगा कि महिला को उनके घर पहुंचाया जा सके।

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