राजस्थान में ‘बिरयानी’ पॉलिटिक्स: ‘वेज बिरयानी’ के बोर्ड हटाकर ‘वेज पुलाव’ लिखवाया गया

भीलवाड़ा/राजस्थान। उत्तर प्रदेश प्रांत के कई शहरों में दुकानों पर लगे साइन बोर्ड पर शुरू हुई आपत्ति और राजनीति के बाद अब राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में भी वेज बिरयानी लगे साइन बोर्ड पर आपत्ति के बाद दुकानदारों को बिरयानी के स्थान पर पुलाव के बोर्ड लगाने पड़े।
दरअसल, राजस्थान के भीलवाड़ा शहर शहर के पन्नाधाय सर्किल पर लारीयो पर वेज बिरियानी लिखे साइन बोर्ड पर भीलवाड़ा शहर के निर्दलीय विधायक के कुछ समर्थकों ने पहुंचकर आपत्ति जताते हुए उनके बोर्ड बदलकर वेज बिरयानी के स्थान पर वेज पुलाव लिखवा कर ही दम लिया। इन लोगों का कहना है कि चाहे बिरयानी का आगे वेज लिखा हो। मगर उसमें नॉनवेज की शंका रहती है इसलिए बिरयानी के स्थान पर इसे वेज पुलाव लिखवाया गया। सबसे बड़ी मजेदार बात यह है कि चाहे बिरयानी हो या पुलाव यह दोनों फारसी शब्द है जिनके अर्थ एक ही है।
भीलवाड़ा शहर से आरएसएस समर्थित विचार परिवार के निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी के ऑफिस का काम का संभालने वाले और भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चे के पूर्व महामंत्री सत्यनारायण गूगड बड़ी संख्या में अपने समर्थनों के साथ पन्नाधाय सर्किल पहुंचे और वहां वेज बिरियानी लिखे हुए लारी मालिकों से वेज बिरयानी शब्द पर आपत्ति जताते हुए वेज पुलाव लिखने के लिए कहा। इस आपत्ति का इतना असर हुआ के दूसरे दिन यहां खड़ी सभी लारियों पर वेज बिरयानी के स्थान पर वेज पुलाव के साइन बोर्ड लगाए गए।
भाजपा किसान मोर्चे के पूर्व महामंत्री सत्यनारायण गुगड़ का कहना है कि किसी भी गरीब परिवार के व्यक्ति को उनकी ओर से लारी लगाने से मना नहीं किया। शंका से बचने के लिए भीलवाड़ा के विधायक को फोन किया गया। उन्होंने तुरंत फूड इंस्पेक्टर को भेजा। फूड इंस्पेक्टर ने भी सैंपल लिया। इसके अगले दिन सभी लारी वालों ने वेज पुलाव के साइन बोर्ड लगा दिए।




