रणथंभौर में गश्त पर मौत से सामना, वनकर्मियों ने भागकर बचाई जान, टाइगर ने बाइक को बनाया शिकार

सवाई माधोपुर/राजस्थान। विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सोमवार सुबह एक ऐसी खौफनाक घटना घटी, जिससे वनकर्मियों की रूह कांप उठी। जंगल के ‘राजा’ और दो वनकर्मियों के बीच की दूरी महज कुछ इंच रह गई थी। मौत के इतने करीब पहुंचने के बावजूद वनकर्मियों ने जो फुर्ती दिखाई, उसी की बदौलत वे आज सुरक्षित हैं। टाइगर ने वनकर्मियों के भागने के बाद अपना सारा गुस्सा उनकी बाइक पर निकाला और उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
मोड़ पर काल बनकर बैठा था ‘आरबीटी-2511’
यह घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे टाइगर रिजर्व की ROPT रेंज के सुल्तानपुर नाके के पास गाड़ा डूब वन क्षेत्र की है। वनकर्मी निरंजन और होम गार्ड जितेंद्र शर्मा अपनी मोटरसाइकिल से रूटीन गश्त पर निकले थे। जैसे ही उनकी बाइक एक चढ़ाई वाले मोड़ पर पहुंची, सामने का नजारा देख उनकी सांसें थम गईं। मोड़ पर टाइगर आरबीटी-2511 पहले से ही घात लगाकर बैठा था।
अचानक बाइक को पास देखकर टाइगर आक्रामक हो गया और तेज आवाज में गुर्राने लगा। इससे पहले कि टाइगर झपट्टा मारता, दोनों वनकर्मियों ने अपनी सूझबूझ और फुर्ती दिखाई। उन्होंने अपनी चलती बाइक वहीं छोड़ी और जान बचाने के लिए जंगल की ओर दौड़ लगा दी।
10 मिनट तक बाइक को बनाता रहा शिकार
दोनों वनकर्मी करीब 15-20 मीटर दूर जाकर रुके और हाथों में डंडे लेकर टाइगर की हरकतों पर नजर रखने लगे। इधर, वनकर्मियों को न पाकर टाइगर का गुस्सा बाइक पर उतरा। उसने अपने जबड़े और पंजों से बाइक को दबोच लिया और उसे घसीटने लगा। टाइगर ने मोटरसाइकिल की सीट फाड़ डाली और टायर व अन्य हिस्सों पर कई बार हमला किया। करीब 10 मिनट तक टाइगर बाइक के आसपास मंडराता रहा, जिसे देख दूर खड़े वनकर्मियों की धड़कनें तेज थीं।
पर्यटकों की जिप्सी बनी ‘देवदूत’
जब वनकर्मी असहाय होकर दूर खड़े थे, तभी खुशकिस्मती से वहां से पर्यटकों की एक जिप्सी गुजरी। जिप्सी चालक और वन स्टाफ ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए दोनों डरे हुए वनकर्मियों को गाड़ी में बैठा लिया। करीब 5 मिनट बाद टाइगर बाइक को छोड़कर पास की पहाड़ी पर चला गया। डीएफओ मानसिंह ने बताया कि दोनों कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।





