पाकिस्तान में बाढ़ के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने के दावे खारिज, विशेषज्ञों ने खोली पोल

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ को लेकर उठे आरोपों पर जल विशेषज्ञों ने कहा है कि भारत ने जानबूझकर पानी छोड़कर बाढ़ नहीं लाई, बल्कि बाढ़ का मुख्य कारण भारी मानसूनी बारिश और प्राकृतिक परिस्थितियां हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब प्रांत और उत्तर-पश्चिमी भारत में अगस्त के मध्य से ही भारी बारिश हो रही है। नदियां और सहायक नदियां खतरनाक स्तर से ऊपर बह रही हैं। पंजाब सरकार ने दावा किया था कि भारत की ओर से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से सतलुज, रावी और चिनाब नदियों में बाढ़ आई।
डॉ. हस्सान एफ खान, टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के जल विशेषज्ञ, ने बताया कि जब बांध अपनी अधिकतम क्षमता तक भर जाते हैं तो संरचना को नुकसान से बचाने के लिए स्पिलवे (आपात द्वार) खोले जाते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है और जानबूझकर नहीं किया जाता। पर्यावरण विशेषज्ञ अहमद रफाय आलम ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बांधों का डिजाइन और संचालन लगभग समान है। इस बार हिमाचल प्रदेश और उत्तरी भारत में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, जिससे भारत को मजबूरन पानी छोड़ना पड़ा। डॉ. दानिश मुस्तफा, किंग्स कॉलेज लंदन, ने कहा कि भारत में तबाही पाकिस्तान से ज्यादा हुई है, क्योंकि पानी पहले भारतीय कस्बों और गांवों से होकर गुजरता है। एनडीएमए के मुताबिक, 26 जून से 31 अगस्त तक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 209 लोगों की मौत हुई और 2,000 से अधिक गांव जलमग्न हो गए।




