फतेहपुर में सुकन्या योजना में लाखों के फर्जीवाड़े का थाने पहुंचा मामला

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। विकास खंड देवमई के मौहार पोस्ट ऑफिस में पधारा गांव के ग्रामीणों से सुकन्या योजना में जमा कराई गई धनराशि में घोटाले की परत खुलने लगी है। मंगलवार को गांव के पीड़ित ने बिंदकी थाने में अमन मिश्रा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस अमन मिश्रा को लेकर थाने पहुंची, पूछताछ चल रही है।
गांव पधारा के ग्रामीणों ने सुकन्या खाते की जमा धनराशि ऑनलाइन कम शो करने पर शनिवार को मौहार पोस्ट ऑफिस में जाकर हंगामा किया था। ऑफिस में मौजूद स्टाफ ने लोगों को समझाकर उसी दिन उनके गांव में शिविर लगाकर योजना में जमाकर्ताओं का ब्यौरा दर्ज किया। सोमवार को मौहार पोस्ट ऑफिस के बाबू माधव सिंह ने प्राप्त सूची में करीब 25 लोगों को सूचना भी दी।
उन्होंने बताया कि जितनी धनराशि जमा है। उसकी पास बुक जमाकर्ता को एक हफ्ते के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी और जो धनराशि देने के बावजूद कंप्यूटर में जमा नहीं दर्शा रही है। उस पर आगे की कार्रवाई के लिए उच्चधिकारियों को लिखा जाएगा। उनके आदेश पर आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित ग्रामीण मंगलवार को भी मौहार पोस्ट ऑफिस पहुंचे और अपने रुपयों की जानकारी मांगी। इसके बाद बिंदकी थाने पहुंचकर तत्कालीन माहौर के पोस्टमास्टर अमन मिश्रा के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अमन मिश्रा को थाने में बैठा लिया। इसके बाद बकेवर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अमन से पूछताछ कर रही है।
गांव पधारा अंतर्गत डुंडारा के अमित ने बताया कि तीन बच्चियों में तान्या के खाते में एक लाख की जगह 46 हजार, साक्षी के खाते में एक लाख की जगह 26 हजार और गुनगुन के खाते में 85 हजार की जगह 37 हजार ही दर्ज हैं। इसी तरह राखी पुत्री मनोज कुमार के खाते में 84 हजार की जगह 10 हजार और 40 हजार की जगह 10 हजार शो कर रहा है। इसी तरह गांव के अन्य लोग भी मंगलवार को मौहार पोस्ट अफिस पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
पूर्व पोस्ट मास्टर अमन मिश्रा ने बताया कि जिन-जिन गांवों के लोगों ने जितना पैसा दिया था। उनके खाते में उतना पैसा जमा किया गया है। गांव के लोगों के सभी आरोप गलत हैं। स्थानांतरण के बाद पूरा कार्यभार मौहार पोस्ट मास्टर और बाबू माधव सिंह के सुपुर्द कर दिया था। वहीं, बाबू माधव सिंह का कहना है कि अमन मिश्रा ने संबंधित कोई दस्तावेज सुपुर्द नहीं किए हैं।




