कानपुर पुलिस ने एक फर्जी दारोगा और उसके साथी को किया गिरफ्तार
आरोपी ने खुद को दारोगा बताकर एक युवती से शादी की और ससुराल में गांठता था रौब

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर की सजती पुलिस ने एक फर्जी दारोगा और उसके फॉलोवर को गिरफ्तार किया है। उसने खुद को दारोगा बताकर पांच साल पहले डूहरु गांव निवासी युवती से शादी की थी। इसके बाद वह हमेशा पुलिस की वर्दी में ससुराल आकर रौब गांठता था। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आईडी, एयर पिस्टल, वर्दी और गस्ती प्रपत्र बरामद किए हैं। जांच में पता चला कि फर्जी दारोगा ने नौकरी लगवाने के नाम पर कई लोगों से रुपए ले रखे हैं।
सजेती थाना क्षेत्र के अमौली में हुई एक चोरी के मामले में पुलिस कुछ संदिग्धों के पकड़ कर पूछताछ कर रही थी। पुलिस को एक बाहरी कार के गांव आने के बारे में पता चला था। लोगों ने बताया कि कार चालक पुलिस विभाग में दारोगा है। पुलिस ने फोन कर के उसे बुलाया तो वह थाने पहुंचा। पुलिस से बातचीत में वह गोलमोल बाते करने लगा तो पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने उससे पीएनओ नंबर मांगा तो उसने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बैठा लिया और उसके साले को भी पकड़ लिया।पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम आजाद कुमार जादौन है। वह कौशांबी जिले का रहने वाला है। उसकी तैनाती वर्ष 2019 में हुई थी। वर्तमान में उसकी तैनाती प्रयागराज के धूमनगंज कोतवाली में है। सजेती पुलिस ने जब जानकारी की तो पता चला कि इस नाम का कोई दारोगा नहीं है। इसके बाद वह कभी इटावा तो कभी हमीरपुर में तैनाती बताने लगा। पूछताछ में पता चला कि वह कई लोगों से ठगी करके भागा है। पूछताछ में अपना नाम भी बदलता रहा। उसके पास से तीन फर्जी आईडी, वर्क गस्ती प्रपत्र, चार पीतल के स्टार, कैप और पुलिस प्रतीक चिन्ह बरामद हुआ है।
पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह बीते दिनों अपने फॉलोवर सौरभ के साथ ससुराल आया था। गांव में उसे सभी दारोगा के रूप में जानते थे। डुहरु के आसपास के गांव अमौली, कोहरा समेत कई गांव के लोगों से नौकरी लगवाने के नाम से वसूली करने की बात सामने आई है। एसीपी कृष्णकांत यादव के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी की धाराओं के रिपोर्ट दर्ज की गई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि आजाद सिंह ने खुद को दारोगा बताकर पांच साल पहले गांव की युवती से शादी की थी। उसने ससुराल वालों को धोखे में रखा। राज खुलने के डर से खुद की पोस्टिंग अलग अलग जिलों के बताकर पत्नी को साथ ना ले जाकर मायके में ही रखता था। पत्नी को दो चार दिन के लिए कानपुर में लिए किराए के कमरे में ले जाता था। उसका एक आठ माह का बेटा भी है। पुलिस ने फर्जी दारोगा और उसके फॉलोवर को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
कानपुर में जीजा दारोगा और उसका साला फॉलोवर बनकर अवैध वसूली करते थे। आरोप है कि ये लोग फर्जी आईडी कार्ड और एयर पिस्टल लगाकर लोगों पर रौब गांठते थे। जीजा खुद को दारोगा बताता था, जबकि साला फॉलोवर की भूमिका निभाता था। दोनों मिलकर कारोबारियों और राहगीरों को दबाव में लेकर उनसे वसूली करते थे।




