बागपत डीएम अस्मिता लाल की दिल छू लेने वाली पहल, पहले दान कीं अपनी आंखें, फिर लोगों से की नेत्रदान की अपील

बागपत/उत्तर प्रदेश। अंधेरे को चीरने के लिए एक दीया ही काफी है, एक आईएएस ने यह चरितार्थ कर दिया है। ऐसा करने वाली वह पहली आईएएस भी है, जिसने मरणोपरांत अपनी नेत्र दान करने का संकल्प लिया है। हम बात कर रहे हैं बागपत की डीएम आईएएस अस्मिता लाल की, जिन्होंने 18 जनवरी 2025 से बागपत में 31वें जिलाधिकारी के रूप कार्यभार संभाला हुआ है। 2015 बैच की आईएएस अस्मिता लाल अपने अनोखे कार्य के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी आंखों का दान कर सबको चकित कर दिया है।
बागपत जिले के खेकड़ा कस्बे में रविवार को एडीके जैन नेत्र अस्पताल में 6वें फाउंडेशन कार्यक्रम मनाया। इस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के लिए जिलाधिकारी बागपत पहुंचीं। डीएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया और नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
बागपत जिले में सबसे अधिक नेत्र चिकित्सा शिविर लगाने वाली ईश पुत्र संस्था ने भी कार्यक्रम में नेत्र दान जागरूकता के लिए अभियान चलाया हुआ है। जिलाधिकारी से भी मंच से जागरूकता के लिए अपील करने की प्रार्थना की गई। ईश पुत्र संस्था के अध्यक्ष नगीन गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी ने पहले मेज पर रखा संकल्प पत्र देखा। इसके बाद डीएम अस्मिता लाल ने बिना किसी औपचारिकता के मरणोपरांत अपने नेत्रदान करने का संकल्प भर दिया। जिसके बाद मंच से कार्यक्रम में आए लोगों से नेत्र दान की अपील की।
उनका यह कदम देखकर नगीन गुप्ता भी उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ने मंच से एक बड़ा संदेश दिया है कि किसी को मानवता के लिए प्रेरित करने से पहले खुद उन कदमों पर चलना होगा। उनके इस कार्य को देखकर ईश पुत्र संस्था द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। नगीन गुप्ता का कहना है कि बागपत की यह पहली जिलाधिकारी हैं, जिन्होंने मानवता के लिए एक मिसाल कायम की है, वह हमारी प्रेरणा हैं।




