दिल्ली के रोहिणी में हॉर्न बजाने पर बारातियों ने डीटीसी बस चालक को पीटा, अस्पताल में मौत, जांच में जुटी पुलिस

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। देश की राजधानी दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां शनिवार देर रात एक बारात की ‘मौज-मस्ती’ एक डीटीसी बस चालक की मौत का कारण बन गई। बारातियों ने सिर्फ हॉर्न बजाने की वजह से डीटीसी के बस चालक को बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोग उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान उसकी जान चली गई।पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 27 वर्षीय विकास के रूप में हुई है।
मामला नॉर्थ वेस्ट दिल्ली जिले के रोहिणी का है, घटना शनिवार देर रात मेन रोड की है। यहां शादी के फंक्शन में बाराती डीजे की तेज आवाज में डांस करते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान पीछे से आ रही बस के चालक विकास ने रास्ता मांगने के लिए हॉर्न बजाया। हॉर्न बजाने से नाराज बाराती बस चालक से भिड़ गए और उन्होंने बस चालक को गालियां देनी शुरू कर दीं। इस तीखी नोंकझोंक के बीच, बस चालक ने माफी भी मांगी, लेकिन मामूली सी बात पर भड़के लगभग 15 से 20 बाराती देखते ही देखते बस चालक पर टूट पड़े और उसे जमकर पीटा।
इस बेरहम पिटाई से बस चालक विकास गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद बाराती उसे अधमरी हालत में छोड़कर आगे निकल गए. जब बारात आगे बढ़ गई, तो मौके पर मौजूद स्थानीय लोग चालक को लेकर अस्पताल भागे। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
घटना के संबंध में डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के अध्यक्ष ललित चौधरी एवं महामंत्री मनोज शर्मा कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि बसों में पब्लिक की सुरक्षा के लिए कैमरे पैनिक बटन है, लेकिन पब्लिक से कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम है ? कल की घटना ने डीटीसी के कर्मचारियों को झकझोर के रख दिया है। जॉब की सिक्योरिटी तो पहले से ही नहीं है, लेकिन जान की सिक्योरिटी भी नहीं बची है। पब्लिक इतनी उग्र हो चुकी है कि किसी की जान लेने से भी परहेज नहीं करती। ऐसी स्थिति में अपनी नौकरी पूरी करना, उसमें भी प्राइवेट लालाओं का ड्यूटी ओके करवाने का दबाव अधिकारियों द्वारा बनाया जाता है। जिसके कारण ड्राइवर ड्यूटी ओके करने के लिए जल्दबाजी में रहते हैं, ताकि ड्यूटी पूरी हो सके ड्यूटी। ड्यूटी पूरी नहीं हुई तो नौकरी से निकाल दिए जाने की धमकी दी जाती है, पैसे काटे जाते हैं । इसी जल्दबाजी में ड्राइवर ने बारात में फंसने से बचने के लिए लगातार एक दो बार हॉर्न बजा दिया वही हॉर्न बजाने की जल्दबाजी उसकी जान ले बैठी ।
अब इस ड्राइवर कर्मचारियों की मौत के बाद कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन तो किया है ताकि न्याय मिल सके डीटीसी महकमें को ,दिल्ली सरकार को ,और इन प्राइवेट लालाओं को मिलकर इस ड्राइवर को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए एवं परिवार को एक करोड रुपए की आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन मांग करती है कि डीटीसी के कर्मचारियों पर ओके ड्यूटी करने का दबाव खत्म किया जाना चाहिए। ऐसा न किए जाने पर ऐसे हादसे और दुर्घटनाएं देखने को मिलते रहेंगे, भविष्य में ऐसी घटनाएं और हादसे ना हो इसके लिए ड्राइवर कंडक्टरों पर मानसिक दबाव, ओके ड्यूटी करने का दबाव नहीं दिया जाना चाहिए। यूनियन पुलिस प्रशासन से मांग करती है कि इस कृत्य में शामिल जितने भी आरोपी हैं उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुए मृतक के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए ।




