टीकमगढ़ में दो मौतों से दहशत में ग्रामीण, तांत्रिक क्रिया के डर से बच्चों को नहीं भेज रहे स्कूल
Villagers in panic due to two deaths in Tikamgarh, not sending children to school due to fear of tantric rituals

टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। शहर के बखतपुरा गांव में अंधविश्वास का बोलबाला है। यहां लगभग एक महीने पहले दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही गांव वाले दहशत में हैं और बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है। उन्हे लग रहा है कि यह तांत्रिक क्रिया के कारण हुआ है। प्रशासन ने इस अफवाह को दूर करने के लिए गांव में चौपाल लगाई और लोगों को समझाया कि मौत का कारण बीमारी थी। दोनों ही मरने वाले युवक बीमारी का सामना कर रहे थे। जिसके कारण ऐसा हुआ है।
बखतपुरा गांव में हुई इस घटना के बाद शाम होते ही पूरे इलाके में सन्नाटा पसर जाता है। लोग अपने घरों में दुबके रहते हैं। बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है। माता-पिता दहशत के कारण उन्हें घर से बाहर नहीं भेज रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीकमगढ़ जिला प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर के आदेश पर पलेरा पुलिस थाने के प्रभारी मनीष मिश्रा और पलेरा बीएमओ डॉ. अजय गुप्ता अपनी टीम के साथ बखतपुरा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर चौपाल लगाई और उनकी बातें ध्यान से सुनी।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि मौत का कारण कोई तांत्रिक क्रिया नहीं बल्कि बीमारी थी। उन्होंने मृतकों के अस्पताल के कागजात भी ग्रामीणों को दिखाए और बताया कि उनकी मौत डेंगू और हड्डी बुखार से हुई थी। टीम ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे किसी भी बीमारी के लिए सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। गांव के रहने वाले रामसेवक ने बताय कि एक महीने पहले पांच लोगों ने तांत्रिक क्रिया की थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई। इसके बाद से गांव में डर का माहौल है। शाम को 6:00 बजे के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता। लोग अभी भी डरे हुए हैं।




