अयोध्या में करोड़ों खर्च के बाद भी मॉनसून की पहली बारिश में सारे दावे फेल

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। मॉनसून की पहली बारिश ने ही अयोध्या के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मूसलाधार बारिश में करोड़ों की लागत से बनी रामपथ की सड़क धंस गई। दो दिन की बारिश के बाद पानी में डूबे अयोध्या की जो तस्वीर सामने आई उसे देखकर यहां के लोग सिहर उठे हैं। चौड़ीकरण के दौरान रामपथ, भक्तिपथ और रामजन्मभूमि पथ की सड़कें काफी ऊंची बना दी गईं। इन पथों के दोनों तरफ स्थित मोहल्लों की नालियां नीचे रह गईं। सीवर और नालियों को कनेक्ट नहीं किया गया। नालियों के पानी के सही निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। हालात यह हुए कि पूरे अयोध्या में तीन घंटे की बारिश में ऐसा पानी भरा कि पंप के सहारे उसे निकालने में 7 से 8 घंटे लग गए। हालात यह हो गए कि कई घरों में चार फुट तक पानी भर गया। राम मंदिर के दर्शन मार्ग के पास भी पानी भर गया। इससे लोगों को मंदिर तक जाने में भी दिक्कत हुई।
महाजनी टोला के रिटायर्ड शिक्षक जय प्रकाश श्रीवास्‍तव ने बताया कि बुधवार सुबह 4 बजे बिजली कड़कने पर उनकी नींद खुली। देखा तो जिस कमरे में वह सो रहे थे उसमें पूरा पानी भर गया था। उन्होंने बताया कि दोपहर के बाद तक किसी तरह पानी बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि पानी की वजह से काफी फर्नीचर खराब हो गया। वहीं रामपथ के दोनों तरफ दुकानदारों ने बताया कि सड़क ऊंची कर दी गई है। सीवर लाइन से घरों की नालियों को कनेक्ट नहीं किया गया। इससे दुकानों में पानी भर गया और काफी सामान खराब हो गया।
बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, जिला पशु चिकित्सालय सहित कई कार्यालयों में भी पानी भर गया। पुलिस लाइंस गेट से फव्वारा चौराहे तक लबालब पानी भरा रहा। साहबगंज के मयंक श्रीवास्‍तव ने बताया कि उनके मोहल्ले में सभी घरों में पानी भर गया। कई घरों के सोफा, फ्रिज और फर्नीचर खराब गया हो गया। अमानीगंज का बिजली उपकेंद्र पानी में डूब गया इससे यहां से सप्लाई काटनी पड़ी। वहीं पानी भरने से सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ।
मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि नगर में 1 मीटर चौड़े कुल 72 नाले हैं जबकि नगर में कुल 227 नालियां हैं। जल निकासी की व्‍यवस्‍था की गई है। नालों और नालियों की एक राउंड सफाई की जा चुकी है। दूसरे राउंड की सफाई की जा रही है। सीवर लाइन कुछ इलाकों में पड़ चुकी है। कैंट एरिया में बरसात के बाद सीवर लाइन का काम शुरू होगा । 330 करोड़ की सीवर योजना पर काम चल रहा है जो 2 साल में पूरी होनी है। उन्होंने बताया कि जलभराव वाले इलाकों में 90 पंप लगाकर पानी निकाला गया।

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