नमो भारत के लिए दिल्ली में यमुना पर 17वां पुल तैयार, दो करोड़ से अधिक लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

नई दिल्ली/एजेंसी। राष्ट्रीय राजधानी के खाते में यमुना पर 17वां पुल भी आ गया है, इस पर नमो भारत ट्रेन दौड़ेगी। 82.5 किमी लंबे दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कारिडोर पर यह पुल सराय काले खां एवं न्यू अशोक नगर स्टेशन को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली में आने वाले इस कारिडोर के 14 किमी के हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस सेक्शन में जंगपुरा, सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार चार स्टेशन हैं। इनमें जंगपुरा, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर एलिवेटेड स्टेशन हैं, जबकि आनंद विहार अंडरग्राउंड स्टेशन है।
यमुना पर आरआरटीएस का यह पुल डीएनडी फ्लाईवे के समानान्तर बनाया गया है। यह पुल एक ओर सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशन के एलिवेटेड वायाडक्ट से कनेक्ट होगा, जबकि दूसरी ओर आरआरटीएस कारिडोर पर न्यू अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन के वायाडक्ट से जुड़ेगा।
इस पुल की लंबाई करीब 1.3 किमी है। इसका 626 मीटर का हिसा यमुना पर जबकि बाकी हिस्सा दोनों ओर खादर क्षेत्र में है। पुल में 32 पिलर हैं और दो पिलरों के बीच में 44 मीटर का दायरा रखा गया है। पुल का निर्माण लांचिंग गैंट्री (तारिणी) की मदद से सेग्मेंट को जोड़कर हुआ है। यह पुल आरआरटीएस ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटा की गति प्रदान करने में सक्षम होगा।
मालूम हो कि दिल्ली के आर्थिक सर्वेक्षण 2021 के मुताबिक यमुना नदी का 54 किलोमीटर हिस्सा राजधानी से होकर गुजरता है। इस हिस्से में 16 पुल पहले से बने हुए हैं। इनमें सड़क यातायात, रेलवे एवं मेट्रो के लिए बने सभी पुल शामिल हैं।
इसके अलावा कोंडली के भीड़भाड़ वाले इलाके में गाज़ीपुर ड्रेन को पार करने के लिए कुल 360 मीटर लंबे छह स्पेशल स्टील स्पैन स्थापित किए गए हैं। साथ ही, न्यू अशोक नगर में आरआरटीएस वायाडक्ट ने दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन को ऊपर से क्रॉस किया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन विकास निगम (एनसीआरटीसी) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है, लक्ष्य यही रखा गया है कि पूरे दिल्ली-गाज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कारिडोर को जून 2025 तक परिचालित कर दिया जाए।




