गाजियाबाद बनेगा यूनानी चिकित्सा पद्धति शिक्षा का बड़ा केंद्र, सभी चिकित्सा का है इंतजाम

गाजियाबाद ब्यूरो। देश-विदेश के छात्रों के लिए अब गाजियाबाद यूनानी चिकित्सा पद्धति शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा। कमला नेहरूनगर में 10 एकड़ जमीन पर 381.42 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान में यूनानी पद्धति में परास्नातक और पीएचडी की शिक्षा प्राप्त करने के लिए मेडिकल कालेज भी बनाया गया है।

यूनानी चिकित्सा के माध्यम से सामान्य व जटिल रोगों के उपचार के लिए ओपीडी चालू होने जा रही है। यह संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट आफ यूनानी मेडिसिन (एनआइयूएम) बेंगलुरू का विस्तारीकरण है। इसका निर्माण भारत सरकार के उपक्रम वैपकास द्वारा किया गया है। रिसर्च के लिए 50 करोड़ की लागत से विशेष अत्याधुनिक लैब का भी निर्माण किया गया है। शिक्षा और शोध के लिए रिसर्च इंडियन काउंसिल फार कल्चरल रिलेशंस (आइसीसीआर) के तहत विदेशी छात्रों को रिसर्च स्कालरशिप प्रदान की जाएगी।

यह संस्थान श्रीलंका, बांग्लादेश, ईरान, उजबेकिस्तान समेत कई देशों से समन्वय बनाते हुए यूनानी पद्धति का प्रचार प्रसार करने में अहम भूमिका निभाएगा। वर्तमान में बेंगलुरू स्थित संस्थान में श्रीलंका के कई छात्र शोध कर रहे हैं। रिसर्च के लिए एनिमल हाउस, डाक्टरों व कर्मचारियों के लिए आवास, पुरुष व महिला विद्यार्थियों के लिए अलग से छात्रावास बनाए गए हैं।

ये सुविधाएं भी मिलेंगी एम्स की तर्ज पर बनाए गए इस संस्थान में आइसीयू, पांच ओटी, मेटरनिटी डिपार्टमेंट, ब्लड बैंक, डिजिटल एक्स-रे कक्ष, एमआरआइ, सीटी स्कैन, पैथोलाजी लैब, एक इमरजेंसी ओटी, क्लासरूम, पीकू-नीकू वार्ड, नर्सरी और प्राकृतिक चिकित्सा का इंतजाम है।

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान पहला है। इसमें यूनानी चिकित्सा पद्धति में शिक्षा प्राप्त करने का मौका भी मिलेगा। पहले चरण में यूनानी चिकित्सा में नीट के माध्यम से देश भर के इच्छुक छात्र संस्थान में परास्नातक कर सकेंगे। संभावना है कि 20 से 60 सीटों पर यहां पढ़ाई होगी। विदेशी छात्रों के लिए भी सीटें आरक्षित होंगी। – प्रोफेसर मोहम्मद जुल्किफ्ल, ओएसडी

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