लोन माफिया लक्ष्य तंवर के चचेरे भाई ने फर्जी जमानती लगाकर ले ली जमानत

गाजियाबाद। 400 करोड़ के ऋण घोटाले मामले में माफिया लक्ष्य तंवर के चचेरे भाई शिवम ने फर्जी जमानती पेश कर जून 2022 में जमानत ले ली। इसमें शिवम के मामले की पैरवी कर रही उसकी बहन हर्षा रानी, लक्ष्य और उसके भाई निखिल कुमार ने सहयोग किया। मुकदमे के वादी रहे सेवानिवृत्त डीएसपी एलएस मौर्य को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने साक्ष्य जुटाकर पुलिस से शिकायत की और चारों के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
सेवानिवृत डीएसपी एलएस मौर्य ने बताया कि शिवम लक्ष्य का चचेरा भाई है। वह 30 अगस्त 2021 को लक्ष्य के साथ ही जेल गया था। जून 2022 में शिवम की बहन ने उसकी जमानत का प्रयास किया तो उन्होंने हाइकोर्ट में अपील की। जहां से उन्हें जमानत तो मिल गई लेकिन जमानत राशि निर्धारित नहीं हुई। इसके लिए हर्षा ने जिला कोर्ट में जमानत राशि निर्धारित करने के लिए प्रार्थना पत्र लगाया। जहां कोर्ट ने डेढ़-डेढ़ लाख के जमानती पेश करने के आदेश किए। इसके बाद हर्षा ने निखिल के साथ मिलकर मेरठ निवासी दो व्यक्तियों को जमानती दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। इतना ही नहीं लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार और दरोगा की फर्जी रिपोर्ट भी बनाकर कोर्ट में पेश कर जून 2022 में जमानत ले ली। डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऋण माफिया व उसके साथियों पर धोखाधड़ी के 53 मुकदमे अलग-अलग थाने, सीबीआई और ईओडब्लू में दर्ज हैं। इनमें चार मामले फर्जी जमानती लगाने के हैं।




