राजस्थान में सरकारी नौकरी के लिए फर्जीवाड़े की हदें पार, शादी बिना किए ही विधवा सर्टिफिकेट लगा रही युवतियां
भाजपा नेताओं के नजदीकी है सुनीता और रेखा का परिवार

जयपुर/राजस्थान। सरकारी नौकरी पाने के लिए लोग फर्जीवाड़े की हदें पार कर रहे हैं। कोई पेपर लीक करके नौकरी लगने का प्रयास करता है। कोई सॉल्वड पेपर के लिए 40 लाख रुपए खर्च कर रहे हैं कोई फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर या नकल करके नौकरी लगने की कोशिश करते हैं। फर्जीवाड़ा करने में युवतियां भी पीछे नहीं हैं। आपको याद होगा कि सब इंस्पेक्टर पेपर लीक मामले में 10 महिला ट्रेनी एसआई गिरफ्तार हो चुकी हैं। इनके अलावा महिला पुलिसकर्मी, महिला स्कूल व्याख्याता और अन्य महिला सरकारी नौकर भी गिरफ्तार हो चुकी है। ताजा मामला जो सामने आया है उसके मुताबिक कुछ युवतियों ने फर्जी विधवा सर्टिफिकेट पेश करके भी नौकरी हासिल कर ली। ऐसी युवतियों पर अब गाज गिरने वाली है।
नवगठित ब्यावर जिले में दो बहनों के बड़े कारनामे सामने आए हैं। दोनों बहनों ने फर्जी विधवा सर्टिफिकेट लगाकर सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली। बड़ी बहन सुनीता ने अपनी बड़ी बहन के देवर का मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर खुद को विधवा बताते हुए नौकरी प्राप्त कर ली जबकि छोटी बहन रेखा ने अपने गांव के ही एक लड़के मदन सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर विधवा कोटे से नौकरी प्राप्त कर ली। दोनों तृतीय श्रेणी शिक्षक बनी हैं। सुनीता राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खारला खेड़ा ब्यावर में कार्यरत है जबकि रेखा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बादनी जिला राजसमंद में कार्यरत है।
सुनीता चौहान वर्ष 2022 की शिक्षक भर्ती में अध्यापिका बनी जबकि रेखा वर्ष 2016-17 की भर्ती में अध्यापिका बनी। दोनों ने जो मृत्यु प्रमाण पत्र पेश किए हैं। उनमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हो रही है। सुनीता चौहान ने अपनी बड़ी बहन के देवर छगनलाल का मृत्यु प्रमाण पत्र पेश किया था। छगनलाल शादीशुदा था लेकिन उसकी पत्नी जिंदा है। जिस हादसे में छगनलाल की मृत्यु हुई, उसमें छगनलाल की जीवित पत्नी को दुर्घटना बीमा राशि भी मिली है। सुनीता की शादी 25 नवंबर 2020 को निर्मल सिंह के साथ हुई है जो उदयपुर में रहते हैं। उधर रेखा चौहान ने अपने गांव के मदन सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र पेश किया था। पाली के सोजत में हुए सड़क हादसे में मदन सिंह की मृत्यु हुई थी। हादसे में मौत होने पर मदन सिंह के माता पिता को दुर्घटना बीमा राशि मिली क्योंकि मदन सिंह अविवाहित थे। अविवाहित मदन के मृत्यु प्रमाण पत्र को रेखा ने उपयोग में लिया और शिक्षिका बन गई।
जिन दोनों बहनों ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट लगाकर नौकरी हासिल की। उन दोनों बहनों का परिवार भाजपा से ताल्लुक रखता है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य खुद राजनीति में रहे हैं। दोनों के माता पिता सरपंच रहे हैं। नवंबर 2020 में जब सुनीता की शादी निर्मल सिंह के साथ हुई थी तब भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत भी शादी समारोह में शामिल हुए थे। दोनों बहनों के पारिवारिक समारोह में भाजपा नेताओं का आना जाना रहा है।




