कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की बढ़ी परेशानी, सीबीआई ने भ्रष्टाचार का नया मामला किया दर्ज
Congress leader Karti Chidambaram's troubles increase, CBI registers a new case of corruption

नई दिल्ली/एजेंसी। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की परेशानी और बढ़ गई है। सीबीआइ ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक नया मामला दर्ज किया है। कार्ति पर आरोप लगा है कि उन्होंने मादक पेय कंपनी डियाजियो स्कॉटलैंड को उसकी व्हिस्की की शुल्क मुक्त बिक्री पर प्रतिबंध से राहत दी थी।
सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि यह मामला एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को डियाजियो स्कॉटलैंड और सिकोइया कैपिटल्स द्वारा किए गए संदिग्ध भुगतान से संबंधित है। यह कार्ति चिदंबरम और उनके करीबी सहयोगी एस. भास्कररमन द्वारा नियंत्रित एक इकाई है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि विभिन्न प्रस्तावों की जांच करने पर पाया गया कि डियाजियो स्काटलैंड और सिकोइया कैपिटल्स ने एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को संदिग्ध रूप से धन हस्तांतरित किया है। यह कार्ति पी चिदंबरम और उनके करीबी सहयोगी एस. भास्कररमन द्वारा नियंत्रित एक इकाई है।
जांच में पाया गया है कि डियाजियो स्काटलैंड, यूके ड्यूटी-फ्री जानी वॉकर व्हिस्की का आयात करता था। प्राथमिकी में नामित संदिग्धों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2005 में भारत पर्यटन विकास निगम (आइटीडीसी), जिसके पास भारत में आयातित शुल्क मुक्त शराब की बिक्री पर एकाधिकार था, ने भारत में डियाजियो समूह के शुल्क मुक्त उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।
इसके चलते डियाजियो स्कॉटलैंड को काफी नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि भारत में उसका 70 प्रतिशत कारोबार जानी वॉकर व्हिस्की की बिक्री से जुड़ा था। सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि डियाजियो स्काटलैंड ने प्रतिबंध हटाने में मदद के लिए कार्ति चिदंबरम से संपर्क किया और एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टिंग को 15,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया, जिसने इसे परामर्श शुल्क के नाम पर ले लिया।




