जयपुर में सेप्टिक टैंक से सोना निकालने उतरे चार मजदूरों की मौत
Four workers who tried to extract gold from a septic tank in Jaipur died

जयपुर/एजेंसी। चार दिन पहले 22 मई को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीकानेर दौरे पर आए थे। उस दिन बीकानेर के करणी औद्योगिक क्षेत्र में एक ऊनी मिल में बड़ा हादसा हुआ था। सेप्टिक टैंक में उतरे तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। उस हादसे के ठीक चार दिन बाद राजधानी जयपुर में भी बड़ा हादसा हुआ है। सोमवार 26 मई की देर शाम को जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में भी सेप्टिक टैंक में उतरे चार मजदूरों की मौत हो गई। कुल आठ मजदूर सेप्टिक टैंक में उतरे थे। इनमें से चार की दम घुटने से मौत हो गई। दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है जबकि दो की हालत ठीक होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
यह हादसा सीतापुरा स्थित अचल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म में हुआ जहां जवाहरात का काम होता है और विभिन्न आभूषण विदेशों में एक्सपोर्ट होते हैं। इस फर्म के परिसर में 10 फीट गहरा सेप्टिक टैंक बना हुआ है जहां मलबा एकत्रित होता है। हर डेढ दो महीने में इस सेप्टिक टैंक को खाली किया जाता है। मलबे में सोने के कुछ कण और बुरादा मिल जाता है। ऐसे में जब भी सेप्टिक टैंक को खाली किया जाता है तो मलबे को छाना जाता है। सोमवार देर शाम को इस सेप्टिक टैंक को खाली किया जा रहा था। कुल आठ मजदूर सेफ्टिक टैंक में उतरे। कुछ ही देर बाद दम घुटने से चार मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो बेहोश हो गए। सभी मतृक यूपी के रहने वाले हैं। इनमें संजीव पाल, रोहित पाल, अर्पित यादव और हिमांशु सिंह शामिल हैं।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया। जानकारी में आया कि रात करीब साढ़े आठ बजे ठेकेदार मुकेश पाल ने मजदूरों को टैंक साफ करने के लिए कहा। गर्मी ज्यादा थी। ऐसे में मजदूरों ने कहा कि रात के बजाय दिन में सफाई करेंगे। मुकेश ने कहा कि कंपनी के मालिक का कहना है कि रात में ही सफाई हो जानी चाहिए। दबाव के बाद मजदूर भूमिगत टैंक में उतरे। पहले संजीव पाल और रोहित पाल टैंक में उतरे। टैंक में उतरने के कुछ ही देर बाद रात्रि करीब नौ बजे संजीव पाल और रोहित पाल बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए एक-एक कर अन्य मजदूर भी टैंक में उतरने लगे। अन्य मजदूर भी बेहोश होते रहे। बाद में फैक्ट्री के कई मजदूरों और सुरक्षा गार्डों ने टैंक में उतरे मजदूरों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया जबकि दो को भर्ती कर लिया। मृतकों में ठेकेदार मुकेश पाल का भाई भी शामिल है।
सांगानेर सदर एसएचओ अनिल जैमन ने बताया कि जयपुर शहर के बापू नगर निवासी अरुण कुमार कोठारी इस फैक्ट्री का संचालन करते हैं। फैक्ट्री के सीईओ विकास मेहता बताए जा रहे हैं। कंपनी ज्वैलरी एक्सपोर्ट का काम करती है। ठेकेदार मुकेश पाल यहां मजदूर उपलब्ध कराने का ठेकेदार है जो पिछले 6 वर्षों से इलाके में काम कर रहा है। पहले फैक्ट्री छोटी थी तब सेप्टिक टैंक जमीन के ऊपर बना हुआ था। करीब एक साल पहले बड़ी फैक्ट्री बनाई गई तब सेप्टिक टैंक को भूमिगत बनाया गया था। इसके गेट काफी छोटे थे।




