नजरअंदाज न करें गर्दन का कालापन! बन सकता है 4 बीमारियों का कारण
अक्सर देखने को मिलता है कि ज्यादातर लोगों की गर्दन काली होती है। ज्यादातर लोग यह सोचकर इसे नजरअंदाज कर देते हैं कि ठीक से सफाई न करने के कारण ऐसा हुआ होगा,लेकिन ऐसा करना आपको भारी पड़ सकता है। क्योंकि गर्दन के काले होने का कारण एकैन्थोसिस निगरिकन्स (Acanthosis Nigricans) जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। इस बीमारी में ऐसा होता है की जहां-जहां स्किन फोल्ड होती है, वहां एक लेयर बन जाती है और जिसकी वजह से स्किन काली और मोटी नजर आने लगती है। आइए जान लेते हैं गर्दन काली होने के पीछे का क्या कारण है।
इन बीमारियों के कारण गर्दन काली हो जाती है
डायबिटीज
डायबिटीज के रोगियों में एकैन्थोसिस नाइग्रिकन्स (त्वचा पर धब्बे होना ) होने का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों में पेनक्रियाज इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन सही से नहीं हो पाता है और यही डायबिटीज होने की वजह बन जाता है।
मोटापा
एकैन्थोसिस निगरिकन्स की समस्या उन लोगों में ज्यादा पाई जाती है जो मोटापे से पीड़ित हैं। मोटापा बढ़ने के कारण त्वचा में कई परतें आ जाती हैं और फिर स्किन पिगमेंटेशन होने लगता है, जिसके कारण गर्दन की स्किन काली पड़ने लगती है। ऐसे में आपको इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
PCOD की समस्या
एकैन्थोसिस नाइग्रिकन्स की समस्या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम और ओवरी में सिस्ट ज्यादा देखी जाती है। जिन महिलाओं को यह समस्या होती है, उनकी त्वचा पर इसका असर देखा जा सकता है। पीसीओडी (PCOD) में इंसुलिन प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) का खतरा ज्यादा हो सकता है। ऐसा तब होता है जब शरीर की इंसुलिन सेल्स हार्मोन के प्रति सामान्य रूप से रिस्पॉन्स नहीं करती हैं।
हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) की समस्या
हाइपोथायरायडिज्म में थायरॉयड ग्लैंड हार्मोन का उत्पादन ठीक से नहीं कर पाती है। इससे एकैन्थोसिस निगरिकन्स की स्थिति पैदा हो जाती है, जिसके कारण आपकी गर्दन काली पड़ सकती है। ऐसे में अगर गर्दन की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इस पर बात करनी चाहिए।




