पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था हनी ट्रैप रैकेट

थाना प्रभारी और कांस्टेबल मिलकर खेल रहे थे बड़ा 'खेल'

टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। टीकमगढ़ जिले के देहात थाने में एक चौंकाने वाला हनी ट्रैप रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस रैकेट में थाने के प्रभारी और एक आरक्षक की संलिप्तता सामने आई है। मामला तब प्रकाश में आया जब अंशुल यादव नाम के व्यक्ति की पत्नी आराधना यादव ने एसपी से शिकायत की। आराधना ने बताया कि 28 जनवरी को पुलिस ने उनके पति अंशुल को हिरासत में लिया और उन पर दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज करने की धमकी दी।
इस मामले को रफा-दफा करने के लिए आरक्षक राहुल ने 15 लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदा 3 लाख रुपये में तय हुआ। यह रकम थाना प्रभारी रवि गुप्ता के निर्देश पर आरक्षक राहुल को दी गई। पुलिस द्वारा और पैसे मांगने पर परेशान होकर आराधना ने एसपी से शिकायत की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी एसपी को सौंपा है।
यह भी आरोप है कि देहात थाने में यह हनी ट्रैप रैकेट लंबे समय से चल रहा था। इसमें कुछ महिलाओं का इस्तेमाल करके आम लोगों को फंसाया जाता था और फिर उनसे बड़ी रकम ऐंठी जाती थी। आराधना ने अपनी शिकायत में थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की है, क्योंकि 3 लाख रुपये थाने के बाहर ही दिए गए थे।
एसपी मनोहर सिंह मंडलोई ने बताया कि महिला की शिकायत और वीडियो सबूत के आधार पर थाना प्रभारी रवि गुप्ता और आरक्षक राहुल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के बाद दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पहले भी कई लोग इस तरह की धमकियों का शिकार हो चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button