हिंदू-मुसलमान की छाती रौंदकर चल रही थी बादशाहियां, शिवाजी ने ही ठीक किया : मोहन भागवत

बुरहानपुर,(मध्य प्रदेश)। बुरहानपुर अपने दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे संघ संचालक मोहन भागवत ने धर्म संस्कृति सम्मेलन में हिस्‍सा लिया। उन्‍होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि यहां की प्रजा की छाती को रौंदकर बादशाहियां और सलतनते चल रही थी, जिसे शिवाजी महाराज ने ठीक किया। उन्होंने कहा दुनिया जिसको रिलीजन कहती है वह सब के अलग-अलग है, लेकिन हम जिसको धर्म कहते हैं वह सारी दुनिया का एक ही है। अब धर्म शब्द दूसरी भाषा में नहीं है इसके पास जाने वाले अन्य भाषाओं मैं है परिस्थिति आती है तो ऐसा करना पड़ता है।

शिवाजी महाराज ने किया पूरा जीवन लगा दिया धर्म रक्षण के लिए अपने राज्य प्राप्ति के लिए नहीं किया। उन्‍होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने धर्म के लिए जान जोखिम में डालने का काम किया। बहुत लोगों को ढाक बैठाई, यहां की प्रजा की छाती पर और आज की भाषा में कहें तो हिंदू-मुसलमान दोनों की छाती रौंद कर चल रही थी बादशाहियां और सल्तनते उनको ठीक किया। समय की आवश्यकता थी, संतो ने कहा इसके लिए सिहासन को स्वीकार किया। आज तक कोई सुल्तान भाषा नहीं है धर्म छोड़ना नहीं है मैं बड़ा बनूंगा सब को बड़ा बना हुआ मेरा लाभ होता है तो कम से कम मेरे गांव का लाभ होना चाहिए।

धर्म संस्कृति सम्मेलन में मोहन भागवत ने कहा कि यह जात पात पंथ संप्रदाय पूजा के भेज छोड़ दो विश्व ही मेरा घर है यह मान कर चलो सब का ख्याल रखकर अपना ख्याल रखना है सभी के मुख से मंगल विचार मंगलमणि निकालना चाहिए देशभक्ति सभी के प्रति सद्भावना होना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि एक घंटे जो शाखा सिखाती है उसे 23 घंटे अपनाना है, दुनिया का ध्यान भारत की तरफ है, भारत को गुरु बनाना है चाहती है दुनिया, लेकिन भारत को इसके लिए तैयार होना पड़ेगा।

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