सीएम योगी के गढ़ में मजदूरी करने वाले श्रीराम प्रसाद ने ठोकी ताल, गोरखपुर से बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन हैं करोड़पति

लखनऊ/एजेंसी। लोकसभा चुनाव 2024 में सातवें चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस चरण में वाराणसी सीट से पीएम मोदी समेत कई नेताओं की किस्मत दांव पर लगी हुई है। सातवें चरण में यूपी की 13 सीटों के लिए 1 जून को वोटिंग होनी है। इस चरण में भी जहां करोड़पति उम्मीदवारों को बीजेपी, सपा, कांग्रेस और बसपा ने तवज्जों दी है। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर कैंडिडेट भी चुनावी मैदान में करोड़पतियों के पसीने छुड़ा रहे हैं। सातवें चरण में श्रीराम प्रसाद सबसे गरीब कैंडिडेट हैं। श्रीराम सीएम योगी की गृह जनपद गोरखपुर सीट से ताल ठोक रहे हैं। जबकि बीजेपी उम्मीदवार रवि किशन इस चरण के दूसरे सबसे अमीर उम्मीदवार है। रवि किशन के पास 43 करोड़ रुपये से ज्यादा की कुल संपत्ति है।
गोरखपुर सीट से चुनाव लड़ रहे श्रीराम प्रसाद अल हिन्द पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, उनके पास सिर्फ 25 हजार रुपये की कुल संपत्ति है। 44 वर्षीय श्रीराम प्रसाद गोरखपुर के सहजनवा तहसील के पुंडा गांव के रहने वाले है। हाई स्कूल पास श्रीराम के पास 20 हजार और उनकी पत्नी के पास 5 हजार रुपये नगद है। श्रीराम प्रसाद की आय का श्रोत मजदूरी है। गरीब उम्मीदवारों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर चंदौली से निर्दलीय उम्मीदवार संतोष कुमार का नाम शामिल है। संतोष कुमार के पास 38 हजार रुपए की कुल संपत्ति है। जबकि तीसरे नंबर पर महाराजगंज से निर्दलीय कैंडिडेट रामप्रीत के पास 50 हजार रुपये की कुल संपत्ति है।
13 सीट पर 144 उम्मीदवार
सातवें चरण में यूपी की महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदोंली, वाराणसी, मिर्ज़ापुर और रॉबर्ट्सगंज सीट पर चुनाव होना है। 13 सीट पर 144 उम्मीदवार चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इसमें से 54 (38 %) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता 5वीं और 12वीं के बीच घोषित की है। जबकि 82 (57%) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज़्यादा घोषित की हैं। 3 उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा धारक घोषित की है। 4 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता साक्षर और 1 उम्मीदवार ने अपनी शैक्षिक योग्यता घोषित नहीं की है।
10 महिला उम्मीदवार मैदान में
सातवें चरण में उम्मीदवारों की आयु की बात करे तो 144 में से 47 (33%) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 25 से 40 वर्ष के बीच घोषित की है। जबकि 69 (48%) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 41 से 60 वर्ष के बीच घोषित की है। 28 (19%) उम्मीदवारों ने अपनी आयु 61 से 80 वर्ष के बीच घोषित की है। इस चरण में 10 (7%) महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रही हैं।
मुख्य संयोजक यूपी इलेक्शन वॉच एडीआर संजय सिंह ने टिकट में महिलाओं की भागीदारी कम होने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत में 33 प्रतिशत लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महिलाओं के भागीदारी के लिए कानून पारित हुआ है। ऐसे में इतनी कम संख्या में महिलाओं को चुनाव लड़ा कर कहीं न कही हम पुरुषवादी मानसिकता को दिखाना चाहते हैं।

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