पीएम आवास योजना की दूसरी किश्त नहीं मिलने पर डीएम ऑफिस पर खुद को लगाई आग, पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप

बाराबंकी/उत्तर प्रदेश। बाराबंकी जिले में डीएम कार्यालय के सामने तेल छिड़क कर एक व्यक्ति ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री आवास की दूसरी किश्त रोक जाने से तहसील दिवस में शिकायत की थी, सुनवाई न होने से परेशान जुबेर नाम के शख्स ने डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करने फैसला लिया था। हालांकि मौक पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आनन-फानन में उसे बचा लिया। डीएम सत्येंद्र कुमार झा ने तत्काल पंचायत सचिव को निलंबित कर पीड़ित की सारी समस्याओं का समाधान कर दिया।
रामनगर तहसील क्षेत्र डीह अशोकपुर चाचू सराय निवासी जुबेर बकई की पत्नी जाहिदा खातून को प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ था। इसकी दूसरी किश्त के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। हालांकि जब उसे निराशा हाथ लगी बुधवार को बाराबंकी के जिलाधिकारी कार्यालय पर तेल छिड़ककर खुद को आग के हलावे कर दिया, जिससे वो काफी झुलस गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने आनन-फानन में आग बुझाकर वहां से हटाया। घटना के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया।
नहीं हो रही थी जियो टैगिंग
पीड़ित जुबेर बकई के मुताबिक पत्नी जाहिदा खातून को प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए पहली किस्त के रूप में 22 सितंबर 2023 को चालीस हजार रुपये मिले थे। इससे उसने मकान का निर्माण कराया था। पहली किस्त के निर्माण के बाद पीड़ित जुबेर लगातार उसकी जियो टैगिंग कराने के लिए अफसरों के पास दूसरी किश्त के लिए दौड़ रहा था। इसके लिए उसने तहसील दिवस में भी शिकायत की थी, लेकिन निर्माण होने के बावजूद जियो टैगिंग नहीं कराई गई थी।
पंचायत सेक्रेटरी पर भ्रष्टाचार के आरोप
जुबेर का आरोप था कि गांव में उसे मिलाकर कुल तीन प्रधानमंत्री आवास बनने थे। ग्राम पंचायत सचिव बीना कुमारी उससे जियो टैगिंग और अगली किस्त के लिए 10 हजार रूपये की घूस मांग रही थी, लेकिन वह काफी गरीब और सात छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह किसी तरह एक पल्ली तानकर झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रहता है। ऐसे में वह ग्राम पंचायत सचिव बीना कुमारी को रिश्वत के पैसे नहीं दे सका। ग्राम पंचायत सचिव ने बाकी दो आवासों की जियो टैगिंग करा दी और उनकी अगली किस्त भी आ गई, लेकिन जाहिदा खातून की नहीं आ सकी। आरोप है कि सचिव उसे लगातार कई विवादों में उलझाती रहीं और उसके आवास को अवैध घोषित करा दिया।
डीएम ने तत्काल किया समाधान
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित जुबेर आज जनता दर्शन के दौरान यहां आया था, उसने यहां पर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी। जांच करने पर पता चला है कि जुबेर की पत्नी जाहिदा खातून के नाम से पीएम आवास आवंटित हुआ था, जो सरकारी मार्ग पर बन रहा था। इसी के चलते अगली किस्त रोक दी गई थी। आज पीड़ित की भूमि का लैंडयूज चेंज कराकर उसका ई-पट्टा करके उन्हें उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इसके अलावा परिवार राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही परिवार की हर संभव मदद की जा रही है। डीएम ने बताया कि पीड़ित के आरोप पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पीड़ित की तहरीर पर स्थानीय युवक पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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