देवबंद के थाने में ग्रेनेड से हमला, 30 साल बाद कश्मीर के बडगाम से पकड़ा आरोपी नजीर अहमद वानी

Grenade attack on Deoband police station, accused Nazir Ahmad Wani arrested from Budgam, Kashmir after 30 years

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को बड़ी सोमवार को बड़ी सफलता मिली। टीम ने 1993 में देवबंद में हुए बम धमाके के आरोपी आतंकी नजीर अहमद वानी उर्फ मुस्तफा को 30 वर्ष बाद जम्मू-कश्मीर के बडगाम से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सागर जैन ने बताया कि 1993 में थाना देवबंद में पुलिसकर्मियों पर ग्रेनेड से हमला किया गया था। इस पर मुकदमा भी दर्ज था। तकरीबन 30 वर्ष से यह न्यायालय की तारीख पर भी नहीं आ रहा था।
कोर्ट ने 20 मई 2024 को स्थाई वारंट जारी किए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। थाना सहारनपुर और एटीएस की यूनिट संयुक्त टीम ने जम्मू कश्मीर से आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसका नाम नजीर अहमद उर्फ मुस्तफा बानी उर्फ जावेद इकबाल है, जिसको 30 वर्ष बाद जम्मू-कश्मीर के बडगाम से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को इसे कोर्ट पेश किया जाएगा।
1994 में कोर्ट से जमानत लेने के बाद मुस्तफा बानी फरार चल रहा था। यह अपना अलग-अलग नाम और हुलिया रख पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा था। यूपी एटीएस और देवबंद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर में दबिश दी। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के बाद मुस्तफा बानी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे आज यानी सोमवार को सहारनपुर लाया गया। पुलिस ने अपने प्रेस नोट में बताया कि 26.08.93 को उपनिरीक्षक सैयद मुनव्वर हुसैन ने इस संबंध में लिखित तहरीर दी थी।
तहरीर में बताया गया था कि अज्ञात मुल्जिम ने साल 1993 में मोहल्ला यूनियन तिराहा कस्बा देवबंद पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नियत से ग्रेनेड फेंका था। इसमें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी कांस्टेबल 1071 कन्हैया लाल, का. 113 अर्जुमन अली और पब्लिक के जय प्रकाश पुत्र मनफूल सैनी, सुखबीर पुत्र रूपलाल घायल हुए थे। इस संबंध में थाना देवबंद पर अभि 507/1993 धारा 307 और 3 विस्फोटक पदार्थ पंजीकृत किया गया था।
इस मुकदमे में नजीर अहमद वानी का नाम प्रकाश में आया जो दिनांक 26 मई 1994 को फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि अभियुक्त आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का सक्रिय सदस्य था। वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कस्बा देवबंद में रह रहा था। आमजन में भय और आतंक की भावना बैठाने के लिए उसने ग्रेनेड फेंका था। इसके पास से बरामद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर थाना देवबंद पर 265/94 धारा 467/468/471 पंजीकृत कर उपरोक्त अभि० को दोनों मुकदमों मे कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।
कोर्ट से साल 1994 में जमानत के उपरांत उपरोक्त अभियुक्त पिछले 30 साल उपस्थित नहीं हो रहा था। अपना नाम पता बदल कर रह रहा था जिस संबंध में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 20.05.2024 को स्थाई वारंट जारी किये गये थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर द्वारा स्थाई वारंट का संज्ञान लेकर वांछित अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु 25000 रुपये का इनाम घोषित करते हुए गिरफ्तारी हेतु आदेश-निर्देश दिये गये थे।
आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी देवबंद के निकट पर्यवेक्षण में थाना देवबंद व सर्विलांस सैल से एक टीम गठित कर एटीएस की मदद लेते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। 17 नवम्बर को सुरागरसी पतारसी कर अभियुक्त के हालिया पते की जानकारी कर अभियुक्त नजीर अहमद शरीफाबाद थाना पारिमपुरा जिला बडगाम जम्मू कश्मीर को उसके हाल पता गांव हाकर मुल्ला निकट कस्बा थाना बडगाम जिला बडगाम जम्मू कश्मीर से मुखबिर की सूचना पर संयुक्त पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया।

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