मथुरा में मुस्लिम समाज का फैसला: शादी में डीजे बजा तो नहीं होगा निकाह, उल्लंघन पर 11 हजार जुर्माना

मथुरा/उत्तर प्रदेश। मथुरा जिले के कोसीकलां में मुस्लिम समाज ने शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है। निकासा क्षेत्र स्थित सराय में आयोजित मुस्लिम समाज की महापंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब किसी भी मुस्लिम विवाह समारोह में डीजे नहीं बजाया जाएगा और गैर-जरूरी रस्मों को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। पंचायत में यह भी तय किया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड के साथ-साथ सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।
ईदगाह कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि कोसीकलां में होने वाली किसी भी मुस्लिम शादी में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। यदि बारात शहर से बाहर भी जाती है, तब भी यह नियम लागू रहेगा। जिस शादी में डीजे बजाया जाएगा, उस निकाह में शहर की किसी भी मस्जिद का इमाम या काजी शामिल नहीं होगा और न ही निकाह की रस्म अदा कराई जाएगी।
फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह भी फैसला लिया गया कि निकाह की रस्म अब होटल या गेस्ट हाउस के बजाय सादगी से मस्जिदों में संपन्न कराई जाएगी। साथ ही शादियों में प्रचलित ‘दुल्हाभाती’ जैसी रस्मों को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है।
कमेटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवार इन सामूहिक फैसलों का उल्लंघन करता है, तो उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही दोषी परिवार से 11,000 रुपये का आर्थिक दंड भी वसूला जाएगा।
कमेटी के पदाधिकारी मैनुद्दीन गड़सानिया और उपाध्यक्ष हाजी सादिक ने बताया कि इन फैसलों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को गलत दिशा में जाने से रोकना, शादियों में होने वाले विवादों को खत्म करना और आर्थिक बोझ को कम करना है। मरकज मस्जिद के इमाम मौलाना अकबर ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए इसे समाज और कौम की भलाई के लिए जरूरी कदम बताया।
महापंचायत में हाजी साकिब, आस मोहम्मद, मुफ्ती वसीरूल कादरी, लियाकत पिंगोड़िया, जिब्रान हुसैन एडवोकेट, सेक्रेटरी मेहराज कुरैशी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कमेटी ने ऐलान किया कि इस मुहिम को आसपास के गांवों तक भी फैलाया जाएगा।




