हंस धर्म कांटा के पास पिंडारन फैक्ट्री सौरा मलवां में किया जाता है महिला मजदूरों का शोषण

श्रवण कुमार तिवारी,(फतेहपुर,उत्तर प्रदेश)। हंसराज धर्म कांटा सौरा मलवां स्थित पिंडारन फैक्ट्री में महिला मजदूरों के साथ जमकर उत्पीडन किया जाता है।मजदूरी मांगने पर बुरा भला कहते हुए आपा खो बैठते हैं सतेंद्र अध्यक्ष मुन्ना गेटमैन। मानवाधिकार को भी ताक में रखकर सत्येन्द्र अध्यक्ष ऐसी बात करते हैं जो इंसानियत से कोसों दूर का रिस्ते को दर्शातें नज़र आते हैं। महिलाओं से काम कराना तत्पश्चात मजदूरी भी न देना, आखिर कहां का नारी शसक्तीकरण है। शासनादेश के बावजूद भी लोग नारियों के सम्मान का जरा भी ख़्याल नहीं रखते और गरीब बेबस महिलाओं की मजदूरी मांगने पर डाककर भगाया जाता है।जब 112 नम्बर लगाकर महिलाओं ने पुलिस को बुलाया। इसके बाद भी न्याय नहीं मिला।गेट और सत्येन्द्र अध्यक्ष द्वारा हेकड़ी दिखाते हुए महिलाओं को जलील किया। काम करने के लिए बाध्य किया। कहा जब तक पूरा काम नहीं करोगे तुम्हें भुगतान नहीं दिया जाएगा।मजबूर बेसहारा महिलाएं भुगतान न छोड़ने के कारण डाट फटकार बर्दाश्त करते हुए काम करने के लिए राजी हुई।
आखिर आखिर कामगारों से रहीसत भरी आवाज में बात करना,या अपने पद पैसा का घमंड दिखाना मानवता के विरुद्ध है। अतः यदि पैसा वाले गरीब महिला मजदूरों के सम्मान को ध्यान में न रखते हुए अमानवीयता से दबंगई दिखाते रहेंगे तो इंसानियत का जनाजा ही निकला जाएगा। इसलिए नारी देश की इज्ज़त है,नारी देश का सम्मान है,नारी हमारे देश का स्वाभिमान है। वैसे भी यदि यदि कोई हमारे मनके मुताबिक कार्य नहीं करता है तो तुरंत हिसाब किताब करके बाहर भी किया जा सकता है। किंतु किसी का अपमान करना,किसी की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाना, उचित नहीं है।इस पर सरकार को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। जिससे महिलाओं का सम्मान सुरक्षित बचाया जा सके।




