बंगाल में एसआइआर के बीच तालाब में फेंके मिले सैकड़ों आधार कार्ड

कोलकाता/एजेंसी। बंगाल में मंगलवार से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के लिए गणना फॉर्म का वितरण शुरू हो चुका है। एसआइआर शुरू होने के अगले ही दिन पूर्व बर्द्धमान जिले के पूर्वस्थली इलाके में एक तालाब में सैकड़ों आधार कार्ड मिले। कहा जा रहा है कि किसी ने रात के अंधेरे में तीन बोरियों में आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भरकर फेंके हैं।
इन आधार कार्डों को लेकर भाजपा और तृणमूल के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज हो गई है। भाजपा का दावा है कि एसआइआर के डर से ये फर्जी आधार कार्ड फेंके गए हैं। दूसरी ओर तृणमूल का कहना है कि ये कार्ड फर्जी होने की वजह से फेंके गए हैं।
उप-विभागीय मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। पुलिस भी जांच करेगी। दरअसल, बुधवार सुबह पूर्वस्थली दो नंबर ब्लाक के बरडांगा इलाके में एक तालाब में लोगों ने आधार कार्ड पड़े देखे। वहां तीन बोरियां मिलीं। यह खबर आग की तरह फैल गई पूर्वस्थली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में उतराते आधार कार्ड बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की, अगर किसी को आधार कार्ड मिले हों तो प्रशासन या थाने में जमा करा दें। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि रात के अंधेरे में आधार कार्ड पानी में किसने फेंके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आधार कार्ड पर लगी तस्वीर कोई नहीं पहचानता। एक स्थानीय निवासी ने बताया, यहां मेरी जमीन है। सुबह कुछ मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने तीन बोरे देखे। मैंने भी कार्ड देखे। उधर,भाजपा आरोप लगा रही है कि जैसे ही एसआइआर शुरू हुआ तो इन अवैध आधार कार्डों को नष्ट करने के लिए फेंक दिया गया।
स्थानीय भाजपा नेता परिमल मिस्त्री कहना है कि हो सकता है कि ये नकली आधार कार्ड हों। आधार कार्डों से भरे बैग क्यों फेंके गए, इसकी जांच होनी चाहिए। हम सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर पूर्वस्थली उत्तर से तृणमूल विधायक तपन चटर्जी ने कहा कि मुझे लगता है कि ये डुप्लीकेट कार्ड हैं। इसीलिए इन्हें फेंका गया। हालांकि, मैं यह नहीं कह सकता कि ये आधार कार्ड एसआइआर के डर से यहां फेंके गए हैं या नहीं?

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