पहले टीचर था फिर झगड़े के बाद बन गया नक्सली, पत्नी के साथ सरेंडर करने पहुंचा माओवादी
Earlier he was a teacher, then after a quarrel he became a Naxalite, he went to surrender with his wife

रायपुर/छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बुधवार को इनामी नक्सली दंपति ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया है। जिन लोगों ने सरेंडर किया है उसमें डिविजनल कमेटी सदस्य जीवन उर्फ राम तुलावी और उसकी पत्नी एवं एरिया कमेटी सदस्य अगासा उर्फ आरती शामिल है। दोनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय मोहला में राजनांदगांव क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य के सामने सरेंडर किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जीवन के सिर पर आठ लाख रुपये तथा उसकी पत्नी आरती पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। दोनों अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सली पिछले 25 वर्ष से माओवादी संगठन में सक्रिय रहे। उन्होंने नक्सल संगठन में हो रहे भेदभाव एवं शोषण से परेशान होकर तथा छत्तीसगढ़ सरकार की नई पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है।
उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ पुलिस द्वारा नक्सलियों के घर वापसी के लिए ‘ऑपरेशन प्रयास’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत नक्सली दंपति ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों ने बताया, ‘‘जीवन 2000 में पारिवारिक लड़ाई झगड़े से परेशान होकर तथा नक्सली विचारधारा से प्रभावित होकर नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। नक्सली संगठन में जुड़ने से पहले वह राजीव गांधी शिक्षा मिशन में शिक्षाकर्मी था।
नक्सली संगठन में जुड़ने के बाद वह अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों के स्कूल में पढ़ाता था। उन्होंने बताया कि जीवन की पत्नी आरती नक्सलियों के संगठन चेतना नाट्य मंडली में शामिल हुई थी। उसने वर्ष 2007 में जीवन से विवाह किया था। माड़ क्षेत्र में रहने के दौरान उसने प्रेस टीम में काम किया तथा कम्प्यूटर चलाना सीखा। अधिकारियों ने बताया कि नक्सली दंपति को तत्काल राहत राशि के रूप में 50-50 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं और उन्हें अन्य सुविधाओं का भी लाभ दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के तहत राज्य में लगातार कार्रवाई की जा रही है। बस्तर में सुरक्षाबल के जवान लगातार नक्सलियों का एनकाउंटर भी कर रहे हैं।




