पृथ्वी पर गिरने वाला है नासा का स्विफ्ट टेलीस्कोप, बचाने की कोशिशें नाकाम, कीमत 30 अरब डॉलर
नासा का स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी टेलीस्कोप इस साल के अंत में पृथ्वी पर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। इसे बचाने के लिए लॉन्च किया गया मिशन नाकाम हो गया है। इसके बाद नासा ने नासा ने घोषणा की कि बचाव मिशन योजना के अनुसार जारी नहीं रहेगा।

केप कैनावेरल। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप को ऊंची कक्षा में पहुंचाकर सुरक्षित रखने की कोशिशें बुधवार को बंद कर दी गईं। इसके साथ ही अब इस अंतरिक्ष दूरबीन के इस साल के अंत तक पृथ्वी की ओर गिरने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, नासा के अनुसार वायुमंडल में प्रवेश के दौरान अत्यधिक घर्षण के कारण दूरबीन का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो जाएगा और केवल कुछ मलबे के ही धरती तक पहुंचने की संभावना है।
स्विफ्ट टेलीस्कोप ने दो दशक से अधिक समय तक ब्रह्मांड में होने वाली अत्यंत शक्तिशाली खगोलीय घटनाओं पर नजर रखी है। इसने गामा-किरण विस्फोट और तारों के विस्फोट जैसी घटनाओं के अध्ययन में वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई। अब इसकी कक्षा लगातार नीचे आने के कारण इसके मिशन का अंत निकट माना जा रहा है।
स्विफ्ट को बचाने के लिए नासा ने एरिजोना स्थित अंतरिक्ष कंपनी कैटलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर विशेष अभियान शुरू किया था। इसके तहत करीब तीन करोड़ डॉलर की लागत से एक निजी अंतरिक्ष यान को स्विफ्ट से जोड़कर उसे अधिक ऊंची और सुरक्षित कक्षा में पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए करीब एक महीने पहले लिंक नामक रॉकेट को प्रक्षेपित किया गया, लेकिन मिशन अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सका।
कैटलिस्ट ने बताया कि अंतरिक्ष यान को नियंत्रित करने में आ रही तकनीकी कठिनाइयों के कारण अब स्विफ्ट को ऊंची कक्षा में पहुंचाने का प्रयास नहीं किया जाएगा। इस फैसले के बाद नासा ने भी मिशन को आगे बढ़ाने की कोशिशें रोक दी हैं।
नासा के अनुसार, सूर्य की बढ़ी हुई गतिविधियों के कारण पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में घनत्व बढ़ रहा था। इसके चलते स्विफ्ट की कक्षा की ऊंचाई अनुमान से कहीं अधिक तेजी से कम हो रही थी। यही वजह है कि दूरबीन को अपेक्षाकृत सुरक्षित कक्षा में पहुंचाने के लिए समय लगातार कम होता गया।
नासा के खगोल भौतिकी विभाग के निदेशक शॉन डोमागल-गोल्डमैन ने कहा कि यह शुरू से ही अत्यधिक जोखिम और संभावित बड़े लाभ वाला मिशन था। यह अपनी तरह का पहला प्रयास था और इसे सूर्य की गतिविधियों से प्रभावित असाधारण समयसीमा के बीच विकसित किया गया।
स्विफ्ट टेलीस्कोप को वर्ष 2004 में पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया था। इसने लंबे समय तक ब्रह्मांड के सबसे शक्तिशाली और रहस्यमय घटनाक्रमों का अध्ययन किया। इसके वैज्ञानिक उपकरणों को इस वर्ष की शुरुआत में बंद कर दिया गया था, ताकि इसकी कक्षा से नीचे आने की गति को कुछ हद तक कम किया जा सके। पिछले सप्ताह तक स्विफ्ट पृथ्वी से करीब 347 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहा था।
वैज्ञानिकों के लिए स्विफ्ट का पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश उसके दो दशक से अधिक लंबे वैज्ञानिक अभियान का अंतिम चरण होगा। हालांकि इसके अधिकांश हिस्से के वायुमंडल में जल जाने की उम्मीद है, फिर भी इसके संभावित मलबे के कारण पृथ्वी पर गिरने की प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी।




