कनाडा सरकार ने ‘लॉरेंस बिश्नोई’ गैंग को आतंकी संगठन किया घोषित

बिश्नोई गैंग पर प्रतिबंध लेकिन खालिस्तानी आतंकियों से प्यार

कनाडा। कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी समूह घोषित कर दिया है। इससे कनाडा के राज्यों की पुलिस को बिश्नोई गैंग के खिलाफ जांच में पहले से ज्यादा अधिकार और संसाधन प्राप्त हो सकेंगे। कनाडा में बिश्नोई गैंग पर प्रतिबंध लगाने की मांग बहुत पहले से की जा रही थी। कनाडा की पुलिस का दावा था कि यह गैंग में देश में हुई कई हत्याओं में शामिल है। लेकिन, कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी आतंकवादियों और अपराधियों के प्रति सरकार के समर्थन ने कई सवाल खड़े किए हैं। माना जा रहा है कि कनाडा ने बिश्नोई गैंग पर प्रतिबंध खालिस्तानियों के दबाव में ही लगाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कनाडा की मार्क कार्नी के नेतृत्व वाली सरकार भी पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की नीतियों पर ही चल रही है। यह गैंग भारत ही नहीं, कनाडा में भी आपराधिक वारदात को अंजाम दे रहा है। कनाडा के मंत्री गैरी अनंदसंगरी ने कहा कि हिंसा और आतंक की कनाडा में कोई जगह नहीं है। खासकर ऐसी वारदात जो किसी समुदाय विशेष में डर का माहौल पैदा करने के मकसद से की जाती है। इस फैसले के तहत बिश्नोई गैंग की कनाडा में मौजूद किसी भी संपत्ति, गाड़ी, फंड आदि को जब्त किया जा सकता है। अगर कोई शख्स प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस गैंग की मदद करता है तो वह भी अपराध माना जाएगा।
बिश्नोई गिरोह को इस सूची में शामिल करने के साथ ही अब कनाडा में आपराधिक संहिता के तहत सूचीबद्ध समूहों की संख्या 88 हो गई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आतंकवादी सूची में शामिल करने से संघीय सरकार को संपत्ति, वाहन और धन पर रोक लगाने या जब्त करने की शक्ति मिल गई है। साथ ही कनाडाई कानून प्रवर्तन को आतंकवाद के वित्तपोषण व भर्ती के संबंध में मुकदमा चलाने के लिए अतिरिक्त कारण मिल गए हैं। कनाडा में या विदेश में रहने वाले किसी भी कनाडाई नागरिक के लिए जानबूझकर किसी आतंकवादी समूह के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली संपत्ति का लेन-देन करना एक अपराध है। लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाला बिश्नोई गिरोह एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन है जो मुख्य रूप भारत में सक्रिय है।
बयान में कहा गया है कि उनकी कनाडा में मौजूदगी है और वे उन इलाकों में सक्रिय हैं जहां प्रवासी समुदाय बड़ी संख्या में हैं। कनाडा पुलिस ने कुछ जबरन वसूली के मामलों को इस गिरोह से जोड़ा है। समूह का सरगना भारत की जेल में है। बयान में कहा गया है, बिश्नोई गिरोह हत्या, गोलीबारी और आगजनी के मामलों में लिप्त है और जबरन वसूली व धमकी के जरिए आतंक फैलाता है। वे प्रवासी समुदाय के सदस्यों, व्यवसायों और सांस्कृतिक हस्तियों को निशाना बनाकर उनके बीच असुरक्षा का माहौल बनाते हैं। बयान में कहा गया है, बिश्नोई गिरोह को सूचीबद्ध करने से कनाडाई सुरक्षा, खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को उसके अपराधों से निपटने और समुदायों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोलीव्रे ने पिछले महीने संघीय सरकार से बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अनुरोध किया था। जून में, ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी ने संघीय सरकार से इस गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अनुरोध किया था। इससे पहले अल्बर्टा के प्रीमियर डेनिएल स्मिथ भी ऐसा अनुरोध कर चुके थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button