जब 50 साल पहले जारी हुआ रावण पर डाक टिकट

When a postage stamp on Ravana was released 50 years ago

हाथरस/उत्तर प्रदेश। देश में आज विजयदशमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस विजयदशमी पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। लेकिन हमारे देश में बुराई का प्रतीक रावण का भी महिमा मंडन भी किया गया था।इसी देश में रावण के नाम का डाक टिकट जारी किया गया था। वहीं राम अच्छाई का प्रतीक तो बुराई को रावण की संज्ञा दी जाती है। वहीं हमारे ही देश में रावण को महिमा मंडित भी किया गया है और भारतीय डाक विभाग ने वर्ष 1974 में रावण का फोटो लगा एक डाक टिकट भी जारी किया गया था।
लंकापति रावण को हम सदियों से बुराई का प्रतीक मानते आ रहे हैं। विजयदशमी पर्व पर हमेशा रावण का पुतला दहन किया जाता है। हालांकि ग्रंथों में यह भी बताया गया है कि रावण प्रकांड पंडित भी था। लेकिन उसे महापापी भी बताया गया है। विजयदशमी पर्व पर हर साल ‘रावण’ धू-धू कर जलता है, लेकिन हमारे यहां रावण को महिमा मंडित भी किया गया है। तत्कालीन सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 1974 में रावण पर भारत में डाक टिकट भी जारी हो चुका है।
हाथरस शहर के रहने वाले एक शख्स शैलेंद्र वार्ष्णेय ने जिन्हे दुर्लभ चित्रों के संग्रह करने का शौक है। उन्ही इसी संग्रह में अपने पास रावण का टिकट भी संजोकर रखा है। उनके मुताबिक भारतीय डाक विभाग ने वर्ष 1974 में रावण पर दो रुपये का डाक टिकट जारी किया था। उनका कहना है कि हमारे देश की यह परंपरा रही है कि हम अपनी सभ्यता और संस्कृति को कभी विसारते नहीं हैं। जब हम किसी की बुराइयों को उजागर करते हैं तो उसकी अच्छाइयों को भी सम्मानजनक स्थान देते हैं।

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