उत्तराखंड के धराली में लापता हुए तीन मजदूर घर लौटे, परिवारवालों ने कर दिया था अंतिम संस्कार

सिकटा/उत्तराखंड। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला के हर्सिल थाना के धराली में बादल फटने की घटना में जिले के लापता 11 मजदूरों में से मंगलहिया के तीन लोग वापस घर लौट आए हैं। सरगटिया पंचायत के मगलहिया निवासी राहुल कुमार मुखिया, मुन्ना मुखिया व रवि कुमार सोमवार की देर रात घर पहुंचे। इनके पहुंचने के बाद स्वजनों ने राहत की सांस ली है।
वापस लौटे मजदूर धराली में हादसा होने के पहले ही वहां से गंगोत्री चले गए थे। यहां लोग धराली से चार किलोमीटर दूर हर्सिल में निर्माण कार्य में मजदूरी करते थे। वापस लौटे मजदूरों ने बताया कि धराली में पांच अगस्त को बादल फटने की घटना हुई थी। उसके तीन दिन पहले हमलोग हर्सिल से गंगोत्री चले गए थे। वहां पहले से मगलहिया के लगभग दो दर्जन मजदूर गंगोत्री में राज मिस्त्री का काम करते है।
कुछ काम फंसने को लेकर हम लोग हर्सिल से गंगोत्री गये थे। मोहन मुखिया के पुत्र योगेंद्र मुखिया पहले से गंगोत्री में ही थे। हादसे के बाद पूरे इलके में कोहराम मच गया था। वहां मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं कर रहा था। हमलोगों को सेना के जवान सेना के हेलीकाप्टर से गंगोत्री से चुनियाली शहर लेकर आये, फिर वहां से उत्तरकाशी लाया गया। वहां से बस में बैठाकर हरिद्वार पहुंचाया गया।
रास्ता में भोजन पानी की व्यवस्था सैनिकों ने ही की। सोमवार की करीब दस बजे लखनऊ आने पर घरवालों से बात हुई। मजदूरों ने उत्तराखंड सरकार व सेना के जवानों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से ही हमलोग वापस लौटे है। वही गंगोत्री में मगलहिया के परती टोला व मगलहिया के योगेन्द्र मुखिया, गुड्डू साह आदि 15-20 मजदूर फंसे हुए है। जिसमें मजदूर व राजगीर मिस्त्री शामिल है। सभी लोग पैदल उत्तरकाशी आ चुके है। उन्हे भी कल शाम तक यहां आने की संभावना है।




