एक महीने से मजार में छिपी थी हल्द्वानी हिंसा की आरोपी साफिया, जाने वाली थी विदेश, पुलिस ने भेजा जेल

हलद्वानी/उत्तराखंड। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में 8 फरवरी को हुई हिंसा से जुड़ी साफिया मलिक को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर हुई हिंसा में साफिया मुख्य आरोपी है। जांच में पता चला कि जिस सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर बवाल हुआ था उसे फर्जी शपथ पत्र लगाकर साफिया मलिक ने ही कब्जाया था। पुलिस ने साफिया को अरेस्ट करने के बाद कोर्ट में पेश किया, उसके बाद उसे हलद्वानी जेल भेज दिया गया।
8 फरवरी को बनभूलपुरा में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस की टीम पर उपद्रवियों ने पथराव किया था। इस झड़प में पांच उपद्रवियों की मौत हुई थी। जिस जमीन पर साफिया का पति अब्दुल मलिक अपना मालिकाना दावा कर रहा था, नगर निगम की जांच में वह गलत साबित हुआ। 22 फरवरी को नगर निगम के सहायक आयुक्त गणेश भट्ट ने अब्दुल मलिक उसकी पत्नी साफिया, अख्तरी बेगम नबी रजा खा, गोस रजा खा और अब्दुल लतीफ के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया था। इन पर मृत व्यक्ति के दस्तावेज लगाकर फर्जी तरीके से जमीन कब्जाने का आरोप है। मुकदमा दर्ज होने के बाद कोतवाली के एसएसआई महेंद्र प्रसाद को मामले की विवेचना सौंप दी गई।
इधर साफिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी, उसके बाद साफिया इधर-उधर छिपने लगी। साफिया एक महीने तक मजार में भी छुपी रही। इसके बाद पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के अनुसार साफिया बरेली के बिहारीपुर में अपने मामा के घर छुपी थी मंगलवार को पुलिस और एसओजी ने साफिया को गिरफ्तार किया। इस पूरे प्रकरण के बीच पुलिस साफिया को ढूंढने दिल्ली मुंबई, बिहार और हरियाणा तक पहुंच चुकी थी।
साफिया अपने मामा के घर से विदेश भागने की तैयारी कर रही थी। साफिया ने पुलिस से हुई पूछताछ में बताया कि वह दो दिन में विदेश जाने वाली थी उसने वीजा के लिए आवेदन किया था। पुलिस ने साफिया के लिए लुक आउट नोटिस जारी नहीं किया था। इसीका फायदा उठाकर वह विदेश जाने की तैयारी कर रही थी।
जिन लोगों ने साफिया की छिपने में मदद की थी अब उन पर पुलिस की पैनी नजर है। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा का कहना है कि साफिया को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई थी। जिन लोगों ने उसे पनाह दी है उन्हें भी चिन्हित किया जाएगा इसके बाद कार्यवाही होगी।




