प्रयागराज में बीजेपी दलित नेता की पिटाई का मुद्दा गरमाया

The issue of beating of BJP Dalit leader in Prayagraj heats up

  • बीजेपी एससी मोर्चा की राज्य इकाई के सह कोषाध्यक्ष हैं मनोज पासी
  • मनोज पासी के साथ प्रयागराज के झूंसी थाने में की गई मारपीट
  • बीजेपी के दलित नेता की पिटाई के मसले में गरमाए एससी मोर्चा अध्यक्ष
  • एसएचओ और अन्य आरोपी पुलिस अधिकारियों पर एक्शन की मांग की

प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। प्रयागराज में भारतीय जनता पार्टी के दलित नेता की पिटाई का मुद्दा खासा गरमा गया है। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की राज्य इकाई के सह-कोषाध्यक्ष मनोज पासी पर थाने में हमला का मामला सामने आया है। मनोज पासी ने आरोप लगाया है कि एसएचओ उपेंद्र प्रताप सिंह और छह अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। एससी मोर्चा के दलित पदाधिकारी ने झूंसी पुलिस थाने के भीतर कथित तौर पर हमले का आरोप लगाया। इसको लेकर बीजेपी एससी मोर्चा सामने आ गया है। मोर्चा ने कहा कि हम इस प्रकार के मामले में चुप नहीं बैठेंगे।
झूंसी पुलिस थाने में मनोज पासी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। उनका आरोप है कि थाने में वह अपने भाई के घर पर पुलिस की ओर से निर्माण कार्य रोके जाने के बारे में जानकारी लेने गए थे। मनोज पासी का आरोप है कि इस दौरान एसएचओ उपेंद्र प्रताप सिंह, सब-इंस्पेक्टर और चार अन्य कॉन्स्टेबल ने उनके साथ मापीट की।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक, मेयर, भाजपा के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता थाने और मनोज के घर पहुंचे। बीजेपी नेताओं ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रयागराज के डीसीपी सिटी अभिषेक भारती ने इस मामले में तीन सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। एसएचओ के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रयागराज के कमिश्नर तरुण गौबा और डीसीपी अभिषेक भारती का अभी इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। एसीपी झूंसी विनल किशोर मिश्रा ने कहा है कि चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मनोज पासी पर मारपीट के आरोपों के बारे में एसीपी ने कहा कि जांच में इसकी पुष्टि होगी। इस सवाल पर कि क्या मामले की जांच किसी अधिकारी को सौंपी गई है? एसीपी ने कहा कि अभी किसी अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। मनोज पासी ने पूरे मामले में मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके भाई रोशन लाल ने चार साल पहले उनके घर के पास जमीन खरीदी थी। अपनी जमीन पर बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रहे थे। इस पर उनके पड़ोसी ने आपत्ति जताई और पुलिस से शिकायत की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी आए और निर्माण कार्य रोक दिया। मुझे और मेरे भाई को गालियां भी दीं। मैं बुधवार दोपहर करीब 12 बजे थाने गया।
मनोज ने कहा कि एसएचओ और स्थानीय चौकी चमनगंज प्रभारी संतोष सिंह से पूछ रहा था कि क्या काम रोकने के लिए कोई लिखित आदेश है? एसडीएम को मामले का फैसला करने दें, क्योंकि यह राजस्व से जुड़ा मामला है। मैंने उनसे यह भी पूछा कि वे मुझे गालियां क्यों दे रहे हैं?
मनोज ने आरोप लगाया कि यह सुनकर एसएचओ उपेंद्र प्रताप सिंह, सब-इंस्पेक्टर संतोष सिंह और चार अन्य पुलिसकर्मियों ने मुझे थाने के एक कमरे में खींच लिया। मेरे साथ बड़ी बेरहमी से मारपीट की गई। मैं बेहोश हो गया। मुझे बाद में पता चला कि कुछ पुलिसकर्मियों ने मुझे अस्पताल पहुंचाया।
मनोज पासी ने कहा कि उन्होंने बुधवार रात को डीसीपी अभिषेक भारती से मारपीट की शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन अभी तक एसएचओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीसीपी ने मुझे बताया कि महाकुंभ ड्यूटी के कारण एसएचओ को नहीं हटाया जा रहा है।
प्रदेश भाजपा एससी मोर्चा के अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया ने मारपीट की निंदा की। उन्होंने कहा कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाती। दलित को प्रताड़ित करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, हम चुप नहीं बैठेंगे। मनोज पासी ने कोई अपराध नहीं किया था, लेकिन उसे इस तरह पीटा गया कि एक कट्टर अपराधी के साथ भी ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता।
अध्यक्ष ने कहा कि मनोज गंभीर रूप से घायल हो गए। वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। मनोज पासी की पत्नी सन्नो देवी ने भी आरोप लगाया कि जब उसने मारपीट की बात सुनी और थाने गई तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मैंने पूछा कि क्या मेरे पति को थाने के अंदर मार दिया गया है?
सन्नो देवी ने कहा कि कोई भी मुझे मेरे पति के ठिकाने के बारे में नहीं बता रहा था। मेरे सवाल को सुनकर सब इंस्पेक्टर विपिन यादव ने मेरा हाथ मरोड़ा और मेरा मोबाइल फोन छीन लिया। उसने मुझे गालियां भी दीं। अब इस पूरे मामले को बीजेपी एससी मोर्चा ने काफी गंभीरता से लिया है।

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