दिल्ली के गाजीपुर डेयरी फार्म स्थित गोपाल कृष्ण मंदिर परिसर में गरजा बुलडोजर
15 दुकानें और दो मंजिला इमारत ध्वस्त, इलाके में मची अफरा-तफरी

पूर्वी दिल्ली। गाजीपुर डेयरी फार्म स्थित गोपाल कृष्ण मंदिर परिसर पर सोमवार को दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड का बुलडोजर चला। परिसर में बनी 15 अवैध दुकानें और एक दो मंजिला इमारत को जमींदोज कर दिया गया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में छह घंटे तक कार्रवाई चली। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। करीब दो हजार वर्ग मीटर में अवैध निर्माण था। अवैध दुकानों में पशुओं की दवाइयां और भोजन, भवन निर्माण सामग्री बेची जा रही थी।
सोमवार सुबह ही बोर्ड की टीम अन्य विभागों के साथ मौके पर पहुंच गई। लोगों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अवैध निर्माण की शिकायत मिली थी। उस पर कार्रवाई की गई है।
कार्यकारी अभियंता मुकेश पाल से पूछा गया कि जब अतिक्रमण हो रहा था तो बोर्ड के अधिकारियों ने कार्रवाई क्यों नहीं की। शिकायत का इंतजार क्यों किया गया। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस मामले में शिकायतकर्ता और गाजीपुर निवासी मनोज भाटी ने बोर्ड, जिला प्रशासन, एलजी ऑफिस और पुलिस से शिकायत की थी कि मंदिर परिसर में बनी दुकानों में जानवरों के लिए मांस सामग्री बेची जा रही है।
वह सामग्री मंदिर में बने भवनों में भी रखी हुई है। आरोप लगाया गया था कि मंदिर समिति अवैध दुकानों और भवनों का किराया वसूल रही है। कुछ दुकानें बेच भी दी गई हैं। इसे लेकर वह 30 मई 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट गए थे। कोर्ट ने बोर्ड को कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। आरोप है कि बोर्ड के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। मंदिर समिति पिछले अगस्त में इस फैसले के विरोध में कोर्ट गई थी। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते के अंदर अवैध निर्माण हटाना होगा। एक हफ्ते का समय दिया गया था। जिसके बाद बोर्ड ने सोमवार को कार्रवाई की। मंदिर के सामने दिल्ली सरकार का पशु चिकित्सालय है। इस अस्पताल में डॉक्टर तो हैं, लेकिन दवाइयाँ नहीं हैं। यहाँ के डॉक्टर मंदिर के पास वाले मेडिकल स्टोर से सादे पर्चे पर दवाइयाँ लिख देते थे। सोमवार को दुकानें तोड़े जाने के कारण मेडिकल स्टोर बंद रहे। ऐसे में अस्पताल आए पशुपालकों को दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।




