अब कार चलाकर ऑटो चालकों को देना होगा टेस्ट, केंद्र के नए नियम से परेशान ऑटो यूनियन

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली के ऑटो यूनियन के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान, प्रतिनिधि मंडल ने परिवहन मंत्री के समक्ष अपने कुछ मुद्दे रखे, जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि दिल्ली सरकार हमेशा ऑटो चालकों का साथ देती रही है और हम आगे भी सरकार से सहयोग मिलने की उम्मीद करते हैं। परिवहन मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को उनके सभी मुद्दों का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। परिवहन मंत्री ने कहा कि केजरीवाल सरकार शुरू से ही ऑटो चालकों के साथ खड़ी रही है और उनके हितों को प्राथमिकता देती आई है। पिछले 9 सालों में सरकार ने ऑटो चालकों का जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए उनको कई राहत देने का काम किया है। सरकार आगे भी ऑटो चालकों के साथ खड़ी रहेगी और उनके हितों को प्राथमिकता देती रहेगी।
दरअसल, दिल्ली के ऑटो यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल ने सचिवालय में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से मुलाकात कर अपने कुछ मुद्दे परिवहन मंत्री के समक्ष रखे। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि परिवहन विभाग ने बुरा़ड़ी से हटाकर राजपुरा रोड पर कार्यालय बनाया है। लेकिन अभी वहां वाटर कूलर नहीं लगा है और वेटिंग एरिया भी नहीं बना है। इस पर परिवहन मंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही वहां पर वाटर कूलर लगा दिया जाएगा और शेड लगाकर वेटिंग एरिया बना दिया जाएगा। प्रतिनिधियों ने बताया कि पहले उन्हें ऑटो का लाइसेंस बनवाने लिए ऑटो चलाकर टेस्ट देना पड़ता था। लेकिन अब केंद्र सरकार ने नया नियम बना दिया है कि अगर ऑटो चलाने के लिए लाइसेंस बनवाना है तो उनको कार चलाकर टेस्ट देना होगा। इससे उन ऑटो चालकों दिक्कत हो रही है, जिनको कार चलानी नहीं आती है और वो ऑटो का लाइसेंस नहीं बनवा पा रहे हैं। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर अधिकारियों से बात कर इसके समाधान का रास्ता तलाशेंगे।
इस दौरान ऑटो यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनके लिए बहुत सारे काम किए हैं और उन्हें सम्मान दिलाया है। खासकर कोरोना महामारी के दौरान जब लॉकडाउन लग गया था, तब एक साथ सभी ऑटो चालक बेरोजगार हो गए थे। उस दौरान आमदनी नहीं होने के कारण घर की आर्थिक हालत खराब हो गई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनकी इस समस्या को समझा और दो बार 5-5 हजार रुपए की आर्थिक मदद की। कोराना के दौरान केवल दिल्ली ही इकलौता राज्य रहा, जहां सरकार ने ऑटो चालकों को आर्थिक मदद की। इसके अलावा उन्हें डिम्टस, सिम, फिटनस समेत कई तरह की फीस देनी पड़ती थी, जिसे सरकार ने माफ कर दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button